प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस उपलब्धि पर दुनिया के कई देशों के नेताओं ने उन्हें बधाई संदेश भेजे हैं और उनके नेतृत्व की सराहना की है। विदेश मंत्रालय ने भी इसे भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और विदेश नीति की बड़ी उपलब्धि बताया है।
श्रीलंका के राष्ट्रपति ने जताया विश्वास
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायका ने प्रधानमंत्री मोदी को भेजे अपने बधाई संदेश में कहा कि यह उपलब्धि उनके नेतृत्व, समर्पण और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जनता के उन पर लगातार बने विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत होते संबंधों की भी सराहना की।
पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री ने भेजा विशेष वीडियो संदेश
पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने प्रधानमंत्री मोदी को एक विशेष वीडियो संदेश के माध्यम से बधाई दी। उन्होंने मोदी को वैश्विक नेतृत्व का आदर्श बताते हुए कहा कि भारत ने उनके नेतृत्व में उल्लेखनीय आर्थिक और सामाजिक प्रगति की है।
मारापे ने कहा कि करोड़ों भारतीयों को गरीबी से बाहर निकालने की उपलब्धि दुनिया के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने मई 2023 में आयोजित FIPIC-III शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी की पापुआ न्यू गिनी यात्रा को भी याद किया, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की उस देश की पहली यात्रा थी।
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री ने की प्रशंसा
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला पर्सद-बिसेसर ने भी प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक मामलों में एक प्रभावशाली और निर्णायक आवाज बनकर उभरा है।
उन्होंने जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह 26 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी। यह यात्रा भारतीय गिरमिटिया समुदाय के आगमन की 180वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की गई थी, जिसने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत किया।
विदेश मंत्रालय ने गिनाईं 12 वर्षों की उपलब्धियां
विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल को भारत की विदेश नीति के लिए परिवर्तनकारी दौर बताया है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में कहा कि पिछले 12 वर्षों में ‘ब्रांड इंडिया’ की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रभाव बढ़ा है।
मंत्रालय के अनुसार, भारत ने ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। संकट के समय विभिन्न देशों तक सबसे पहले सहायता पहुंचाने, अंतरराष्ट्रीय सोलर गठबंधन जैसी पहल और सीमा पार UPI भुगतान प्रणाली के विस्तार के माध्यम से भारत ने राष्ट्रीय हितों और वैश्विक कल्याण के बीच संतुलन स्थापित किया है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ी भारत की साख
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के लंबे कार्यकाल के दौरान भारत ने कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक मोर्चों पर अपनी स्थिति मजबूत की है। यही कारण है कि उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर दुनिया के विभिन्न हिस्सों से लगातार बधाई संदेश आ रहे हैं और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर चर्चा हो रही है।

