मुंबई में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कड़ा रुख अपना लिया है। महाराष्ट्र फायर सर्विस एक्ट के तहत अब नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए पहले की तुलना में काफी कम समय दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और फायर सेफ्टी मानकों को लागू कराने के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा।
दिल्ली अग्निकांड के बाद बदली रणनीति
हाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड, जिसमें 23 लोगों की जान चली गई थी, ने देशभर की नगर निकाय एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। इसी घटना से सबक लेते हुए मुंबई में होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की फायर ऑडिट प्रक्रिया को और सख्त बनाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पहले नोटिस जारी होने के बाद होटल मालिकों को सुरक्षा खामियां दूर करने के लिए 120 दिन तक का समय दिया जाता था, लेकिन अब यह अवधि घटाकर अधिकतम 30 दिन कर दी गई है।
जनवरी 2026 से अब तक 428 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
बीएमसी अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2026 से अब तक मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में 428 होटल, रेस्तरां, बार और पार्टी हॉल का निरीक्षण किया गया है। जांच के दौरान 17 बड़े प्रतिष्ठानों में गंभीर फायर सेफ्टी खामियां पाई गईं। इनमें कई जगहों पर अग्नि सुरक्षा प्रणाली बंद मिली, जबकि कुछ स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा उपकरण ही मौजूद नहीं थे। विभाग ने इन सभी प्रतिष्ठानों को कानूनी नोटिस जारी करते हुए जल्द सुधार करने की चेतावनी दी है।
2025 और 2026 में कार्रवाई के आंकड़े
फायर सेफ्टी अभियान के तहत वर्ष 2025 में बीएमसी ने कुल 2,721 होटल, बार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया था। उस दौरान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 22 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए थे। वहीं वर्ष 2026 में अब तक 428 स्थानों की जांच के दौरान 17 उल्लंघनकर्ताओं की पहचान की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में निरीक्षण अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा।
अवैध गैस सिलेंडरों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज
फायर सेफ्टी जांच के साथ-साथ बीएमसी ने होटल और रेस्तरां की रसोइयों में अवैध गैस सिलेंडरों के इस्तेमाल के खिलाफ भी विशेष अभियान शुरू किया है। अग्निशमन विभाग की टीमें लगातार ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर रही हैं, जहां घरेलू या अनधिकृत गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 190 अवैध गैस सिलेंडर जब्त किए गए थे। वहीं वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में ही 58 अवैध सिलेंडरों को विभिन्न होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से जब्त कर सील किया जा चुका है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से गैस रिसाव और सिलेंडर विस्फोट जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था होगी और सख्त
बीएमसी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मुंबई जैसे घनी आबादी वाले महानगर में फायर सेफ्टी नियमों का पालन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमित निरीक्षण, त्वरित कार्रवाई और कम समय सीमा के जरिए प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि भविष्य में किसी भी बड़े अग्निकांड की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

