मुंबई को मिलेगा नया ट्रैफिक कॉरिडोर, जेवीपीडी सर्कल पर 460 करोड़ रुपये का फ्लाईओवर बनेगा ‘गेम चेंजर’

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मई 2028 तक पूरा होगा महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट, जुहू-वर्सोवा सफर का समय होगा आधा

मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) जल्द ही जेवीपीडी (जुहू-विले पार्ले डेवलपमेंट) सर्कल पर प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना के अंतिम चरण का काम शुरू करने जा रही है। करीब 460 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना पश्चिमी एक्सप्रेस हाइवे और प्रस्तावित वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक को जोड़ते हुए क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाली मानी जा रही है।

बीएमसी ने वर्ष 2022 में जेवीपीडी सर्कल पर लगातार बढ़ती ट्रैफिक भीड़ को देखते हुए इस फ्लाईओवर की योजना तैयार की थी। वर्तमान में जुहू से वर्सोवा तक का सफर व्यस्त समय में 45 मिनट या उससे अधिक समय लेता है। अधिकारियों का दावा है कि फ्लाईओवर के चालू होने के बाद यह यात्रा समय घटकर लगभग 20 मिनट रह जाएगा, जिससे हजारों दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

पांच प्रमुख जंक्शनों को करेगा बायपास

प्रस्तावित फ्लाईओवर सी.डी. बर्फीवाला रोड से, बर्फीवाला फ्लाईओवर के अंतिम छोर के निकट शुरू होगा और जेवीपीडी सर्कल क्षेत्र के पांच प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों को बायपास करते हुए जुहू-वर्सोवा लिंक रोड तक पहुंचेगा। इससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।

वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक और कोस्टल रोड से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी अतिरिक्त शाखा होगी, जिसे प्रस्तावित वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक से जोड़ा जाएगा। इसके जरिए कोस्टल रोड तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इससे दक्षिण मुंबई और पश्चिमी उपनगरों के बीच यात्रा अधिक आसान और समय बचाने वाली बन सकेगी।

पांच चरणों में हो रहा निर्माण

बीएमसी ने इस परियोजना को पांच अलग-अलग चरणों में विभाजित किया है। इनमें से चार चरणों पर वर्तमान में काम जारी है, जबकि अंतिम चरण का निर्माण कार्य मेट्रो लाइन-2बी के शेष कार्य पूरे होने के बाद शुरू किया जाएगा। परियोजना को मई 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, नए अलाइनमेंट को अंतिम रूप दिया जा चुका है और इसकी तकनीकी जांच तथा सत्यापन आईआईटी बॉम्बे द्वारा किया गया है। उनका कहना है कि यह फ्लाईओवर क्षेत्र के लिए एक “गेम चेंजर” साबित होगा और मुंबई की समग्र यातायात व्यवस्था को नई दिशा देगा।

1.75 किलोमीटर लंबा होगा फ्लाईओवर

फ्लाईओवर की कुल लंबाई 1.75 किलोमीटर होगी। इसमें तीन प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदु विकसित किए जाएंगे। पहला बिंदु सी.डी. बर्फीवाला फ्लाईओवर के निकट, दूसरा 90 फीट डीपी रोड जंक्शन पर और तीसरा जुहू-वर्सोवा लिंक रोड पर प्रस्तावित वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक से पहले बनाया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना पश्चिमी उपनगरों में यातायात के दबाव को कम करने के साथ-साथ भविष्य में मुंबई के प्रमुख परिवहन गलियारों में से एक के रूप में विकसित हो सकती है।

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