क्विक कॉमर्स के गोदामों में गंदगी का खुलासा, स्विगी-जेप्टो-ब्लिंकिट के 12 स्टोर पर कार्रवाई

Thecity news
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महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में क्विक कॉमर्स कंपनियों के कई गोदामों में कॉकरोच, चूहों की गंदगी और सड़ी सब्जियां मिलीं। कार्रवाई करते हुए 12 गोदामों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।

घर बैठे महज 10 मिनट में राशन, सब्जियां और खाने-पीने का सामान पहुंचाने वाली क्विक कॉमर्स कंपनियों के गोदामों की साफ-सफाई को लेकर महाराष्ट्र में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में स्विगी, जेप्टो और ब्लिंकिट जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े कई गोदामों में गंभीर लापरवाही सामने आई है।

जांच के दौरान कुछ जगहों पर कॉकरोच, चूहों की गंदगी, जंग लगे रैक और सड़ी हुई सब्जियां मिलीं। इसके बाद राज्य सरकार ने 12 बड़े गोदामों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए।

10 मिनट की डिलीवरी के पीछे का सच

महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा प्रमुख तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में विभाग ने यह अभियान चलाया। औचक निरीक्षण के दौरान एफडीए की टीम को खाद्य सामग्री के आसपास कॉकरोच, गंदगी और खराब हो चुकी सब्जियां मिलीं।

नासिक स्थित जेप्टो के एक गोदाम में डिलीवरी कर्मचारी बाहर पहने जाने वाले गंदे जूतों के साथ मुख्य स्टोर एरिया में घूमते पाए गए। खाद्य सामग्री रखने वाली जगहों पर इस तरह की लापरवाही से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

स्विगी, जेप्टो और ब्लिंकिट के गोदामों पर कार्रवाई

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अभियान के तहत कुल 86 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। इनमें से 60 प्रतिष्ठानों को सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया।

सबसे बड़ी कार्रवाई के तहत इटरनल (ब्लिंकिट) के पांच, जेप्टो के पांच और स्विगी इंस्टामार्ट के दो गोदामों के परमिट निलंबित कर दिए गए।

इसके अलावा जांच के बाद डोमिनोज के चार आउटलेट भी बंद किए गए हैं। कार्रवाई के जरिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया है।

अरबों डॉलर का बाजार, लेकिन गोदामों की सफाई पर सवाल

भारत में क्विक कॉमर्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और यह करीब 13 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ब्लिंकिट के देशभर में करीब 2,200 आउटलेट हैं, जबकि स्विगी और जेप्टो के लगभग 1,100-1,100 डिलीवरी सेंटर हैं।

इन प्लेटफॉर्म के जरिए हर दिन बड़ी संख्या में ऑर्डर लोगों के घरों तक पहुंचते हैं। ऐसे में खाद्य सामग्री के भंडारण और पैकिंग की जगहों पर साफ-सफाई का महत्व और बढ़ जाता है।

मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी ग्राहकों की नाराजगी देखने को मिली। हालांकि, इस कार्रवाई और जांच को लेकर फिलहाल स्विगी, इटरनल और जेप्टो की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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