30,213 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में संस्थागत निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई, जबकि ग्रे मार्केट में करीब 22 फीसदी प्रीमियम का संकेत मिला।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। 30,213 करोड़ रुपये के इस पब्लिक इश्यू में दूसरे दिन भी मजबूत मांग देखने को मिली। खास तौर पर संस्थागत निवेशकों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वहीं, ग्रे मार्केट में शेयर प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं, जिससे संभावित लिस्टिंग गेन को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
गुरुवार सुबह तक जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ कुल 3.25 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। उपलब्ध 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले निवेशकों ने 64.24 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाई थीं।
संस्थागत निवेशकों ने दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी
आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) की श्रेणी को सबसे मजबूत प्रतिक्रिया मिली। यह हिस्सा 9.42 गुना सब्सक्राइब हुआ। इस श्रेणी में 4.90 करोड़ शेयरों के मुकाबले 46.15 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं।
नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (एनआईआई) की श्रेणी में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 1.83 गुना बोलियां प्राप्त हुईं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि बड़े निवेशकों ने इस इश्यू में खास दिलचस्पी दिखाई है।
रिटेल निवेशकों का कैसा रहा रिस्पॉन्स?
रिटेल निवेशकों की श्रेणी में गुरुवार सुबह 10:30 बजे तक 89 फीसदी सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। इस श्रेणी में उपलब्ध 8.50 करोड़ शेयरों के मुकाबले 7.07 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन मिले।
वहीं, कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्सा 1.47 गुना और शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्सा 1.64 गुना सब्सक्राइब हुआ। इस तरह संस्थागत निवेशकों के अलावा अन्य श्रेणियों में भी आईपीओ को अच्छा समर्थन मिलता दिखाई दिया।
ग्रे मार्केट में कितना है प्रीमियम?
ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म इन्वेस्टरगेन के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) करीब 246 रुपये था। आईपीओ के 1,119 रुपये के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले यह लगभग 21.98 फीसदी संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है।
हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक बाजार पर आधारित होता है। यह शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत या निवेश पर मिलने वाले रिटर्न की गारंटी नहीं देता। इसमें बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बदलाव भी हो सकता है।
एंकर निवेशकों से जुटाए 8,109 करोड़ रुपये
आईपीओ से पहले कंपनी को एंकर निवेशकों से भी मजबूत प्रतिक्रिया मिली। कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों को 8,109.85 करोड़ रुपये के शेयर अपर प्राइस बैंड पर आवंटित किए।
रिपोर्ट के मुताबिक, 21 अक्टूबर को पहले दिन निवेशकों ने करीब 69,713 करोड़ रुपये के शेयरों के लिए बोलियां लगाई थीं। आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
कब बंद होगा जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ?
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 23 अक्टूबर को बंद होगा। वहीं, शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की उम्मीद है।
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि आईपीओ को मिला मजबूत सब्सक्रिप्शन और ग्रे मार्केट प्रीमियम भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं हैं। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, संभावित जोखिम और अपने निवेश लक्ष्यों का आकलन करना जरूरी है।

