मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर चुनावी लाभ के लिए सांप्रदायिक राजनीति करने और वोट चोरी का बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में लाखों डुप्लीकेट नाम पाए गए हैं और यदि पारदर्शी चुनाव हुए, तो भाजपा “एक भी सीट नहीं जीत पाएगी।”
अदित्य ठाकरे के ये बयान शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सामने आए। उनका दावा है कि भाजपा धर्म और जाति के आधार पर मतदाताओं में विभाजन की राजनीति कर रही है।
“ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में लाखों डुप्लीकेट नाम” — आदित्य ठाकरे
आदित्य ने आरोप लगाया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में भारी धांधली सामने आई है।
उन्होंने कहा—
- एक ही घर में 10 से अधिक वोटर्स रजिस्टर्ड।
- कई दुकानों पर वोटरों के पते दर्ज।
- कुछ जगहों पर शौचालय के पते पर भी वोटर रजिस्ट्रेशन।
- लाखों डुप्लीकेट नाम जोड़कर वोट चोरी की कोशिश।
उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग में “अपने लोगों की नियुक्ति” और कथित रूप से “10,000 रुपये देकर वोट चोरी कराने” की भाजपा की कोशिश को उजागर किया है।
उनका दावा है कि हरियाणा और बिहार में वोट चोरी का पर्दाफाश हो चुका है और और भी मामले सामने आएंगे।
“धर्म और जाति में बांटकर राजनीति करती है BJP”
आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर आरोप लगाया कि जब राजनीतिक प्रयास सफल नहीं होते तो पार्टी हिंदू-मुस्लिम, मराठी-अमराठी जैसे मुद्दे उठाकर समाज में विभाजन की राजनीति करती है।
“भाजपा का दोहरा हिंदुत्व” — ठाकरे
उन्होंने कहा कि पालघर साधु हत्या मामले में भाजपा ने उस समय की ठाकरे सरकार पर राजनीति की, जबकि बाद में उसी केस के आरोपी काशीनाथ चौधरी को भाजपा में शामिल करने का प्रयास हुआ।
विवाद बढ़ने पर पार्टी ने उसकी एंट्री पर रोक लगा दी।
अजित पवार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा—
“वोट दोगे तो फंड मिलेगा, यह महाराष्ट्र में नहीं चलेगा। देश में संविधान है और न्याय की देवी जल्द न्याय देगी।”

