पोलाची में नशा मुक्ति सम्मेलन में पूर्व बीजेपी अध्यक्ष का बड़ा बयान, नई राजनीतिक पार्टी और युवा नेतृत्व का भी किया ऐलान
तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पोलाची में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान धर्म, जाति और राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया। अपने फाउंडेशन ‘We The Leaders’ के पहले नशा विरोधी सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हर समय धर्म का प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने खुद को गर्वित भारतीय, राष्ट्रवादी और हिंदू बताते हुए कहा कि घर से बाहर निकलते समय वह अपनी जाति और धर्म को घर के भीतर ही छोड़ देते हैं।
‘सच्चा हिंदू सभी को बराबरी से देखता है’
अन्नामलाई ने कहा कि एक सच्चा हिंदू कभी ऐसा व्यवहार नहीं करता जिससे कोई व्यक्ति ऊंचा या नीचा महसूस करे। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को समानता के साथ आगे बढ़ना चाहिए और समाज में भेदभाव की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, धर्म का वास्तविक संदेश सभी के साथ समान व्यवहार करना है।
‘We The Leaders’ का पहला बड़ा सम्मेलन
यह सम्मेलन अन्नामलाई के फाउंडेशन ‘We The Leaders’ की ओर से ‘नशा मुक्त तमिलनाडु’ अभियान के तहत ‘नशा मुक्त पोलाची जागरूकता सम्मेलन’ के रूप में आयोजित किया गया। संगठन की स्थापना के बाद यह पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम था, जिसमें नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और युवा नेतृत्व जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया।
2031 विधानसभा चुनाव लड़ेगी नई पार्टी
अन्नामलाई ने दोहराया कि उनका संगठन भविष्य में एक राजनीतिक दल के रूप में कार्य करेगा और वर्ष 2031 में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी में बदलाव उचित समय पर किया जाएगा और संगठन अगले चुनाव के लिए तैयारी करेगा।
युवाओं को बताया बदलाव की ताकत
अन्नामलाई ने दावा किया कि 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 39 वर्ष से कम आयु के मतदाताओं ने सत्ता परिवर्तन में अहम भूमिका निभाई। उनका कहना था कि 2031 के चुनाव में भी युवा निर्णायक भूमिका निभाएंगे और राज्य में बड़ा राजनीतिक बदलाव ला सकते हैं।
नशा मुक्ति और पर्यावरण पर रहेगा फोकस
उन्होंने बताया कि ‘We The Leaders’ संगठन का मुख्य फोकस नशा मुक्ति अभियान, पर्यावरण संरक्षण और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देना होगा। अन्नामलाई ने अगले छह महीनों में 50 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य भी रखा। उन्होंने बताया कि संगठन से जुड़े 17 प्रतिशत सदस्य महिलाएं हैं, जबकि 54 प्रतिशत सदस्य 35 वर्ष से कम आयु के हैं। उनके अनुसार, युवाओं की भागीदारी ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है।

