असम में MBBS-BDS की फीस में 6 गुना तक बढ़ोतरी, अब 1 लाख रुपये सालाना तक देना होगा

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नई फीस व्यवस्था में परिवार की सालाना आय के आधार पर स्लैब बनाए गए हैं। कम आय वाले छात्रों को बड़ी छूट मिलेगी, जबकि अधिक आय वालों की फीस बढ़ाई गई है।

गुवाहाटी, 5 अक्टूबर। असम सरकार ने राज्य के सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस की फीस में बड़ी बढ़ोतरी की है। नई व्यवस्था के तहत एमबीबीएस की अधिकतम सरकारी फीस 1 लाख रुपये सालाना और बीडीएस की 75,000 रुपये सालाना तय की गई है। फीस परिवार की सालाना आय के आधार पर अलग-अलग होगी।

नई फीस व्यवस्था में 9 लाख रुपये से अधिक सालाना आय वाले परिवारों के छात्रों को एमबीबीएस के लिए 1 लाख रुपये सालाना देने होंगे। वहीं 4 लाख से 9 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों के लिए यह फीस 50,000 रुपये सालाना होगी। 4 लाख रुपये से कम आय वाले बीपीएल और कम आय वाले परिवारों के छात्रों को 5,000 रुपये सालाना देना होगा।

बीडीएस की फीस भी बढ़ी

बीडीएस में 9 लाख रुपये या उससे अधिक सालाना आय वाले परिवारों के छात्रों के लिए फीस 75,000 रुपये सालाना तय की गई है। 4 लाख से 9 लाख रुपये की आय वाले परिवारों के छात्रों को 37,500 रुपये सालाना और कम आय वाले छात्रों को 3,750 रुपये सालाना देने होंगे।

इस तरह नई व्यवस्था में ज्यादा आय वाले परिवार मेडिकल शिक्षा की लागत का बड़ा हिस्सा वहन करेंगे, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को फीस में राहत मिलेगी। असम सरकार ने 2022 के बाद फीस ढांचे में यह बड़ा बदलाव किया है।

एम्स की फीस से कितना अंतर?

नई फीस की तुलना एम्स में एमबीबीएस की फीस से करने पर बड़ा अंतर दिखाई देता है। रिपोर्ट के मुताबिक, एम्स में पूरे साढ़े 5 साल के एमबीबीएस कोर्स की कुल फीस 5,856 रुपये है, जबकि असम में अधिक आय वाले परिवारों के छात्रों को अब 1 लाख रुपये सालाना तक सरकारी फीस देनी होगी।

पहले आय के आधार पर नहीं थी फीस

अब तक असम के सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में फीस परिवार की आय के आधार पर अलग-अलग नहीं थी। एमबीबीएस छात्रों से एडमिशन के समय हॉस्टल में रहने वालों के लिए 21,500 रुपये और हॉस्टल में नहीं रहने वालों के लिए 15,500 रुपये की नॉन-गवर्नमेंट फीस ली जाती थी।

इन शुल्कों में हॉस्टल फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, यूनियन फीस और स्टूडेंट वेलफेयर फंड जैसे खर्च शामिल थे। एमबीबीएस छात्रों को एक बार 2,400 रुपये की सरकारी एडमिशन फीस भी देनी होती थी। दूसरे वर्ष से सालाना नॉन-गवर्नमेंट फीस 8,000 रुपये थी। बीडीएस छात्रों के लिए यह फीस 4,000 रुपये सालाना थी।

2026-27 से लागू होगी नई फीस

नई फीस व्यवस्था मौजूदा 2026-27 शैक्षणिक सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों पर लागू होगी। असम के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के दो राउंड पूरे हो चुके हैं और तीसरा राउंड बाकी है। सरकारी रिकॉर्ड में भी 2026 में एमबीबीएस और बीडीएस के लिए संशोधित फीस स्ट्रक्चर की अधिसूचना दर्ज है।

अधिकारियों के मुताबिक मेडिकल कॉलेजों के मेंटेनेंस और ऑपरेशनल खर्च बढ़ने के कारण फीस में बदलाव किया गया है। हालांकि, नई फीस व्यवस्था में आय के आधार पर स्लैब बनाए गए हैं ताकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर इसका असर कम हो।

मुश्किल स्थिति में 50% तक फीस माफ करने का अधिकार

नई अधिसूचना में सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के प्रिंसिपलों को विशेष परिस्थितियों में छात्रों की सरकारी फीस में 50% तक छूट देने का अधिकार भी दिया गया है। यह राहत उन छात्रों को दी जा सकती है, जिनके सामने गंभीर आर्थिक या अन्य परिस्थितियों के कारण पढ़ाई छोड़ने का खतरा हो।

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