INDIA ब्लॉक के चुनाव आयोग मार्च से पहले बीजेपी ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और SIR को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच बीजेपी ने कांग्रेस और INDIA ब्लॉक पर निशाना साधा है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरी कवायद का एक मकसद राहुल गांधी को ‘लॉन्च और री-लॉन्च’ करना है।
‘राहुल गांधी को लॉन्च-रीलॉन्च करने की कोशिश’
संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की ओर से देश में सत्ता परिवर्तन की जमीन तैयार करने के लिए सुनियोजित तरीके से लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को राजनीति में स्थापित करने की कोशिश लंबे समय से जारी है और अब विपक्ष इसके लिए संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहा है।
पात्रा ने कहा कि INDIA ब्लॉक की ओर से चुनाव आयोग तक प्रस्तावित मार्च को लेकर बीजेपी की जिम्मेदारी है कि वह जनता के सामने अपना पक्ष रखे। उन्होंने SIR को लेकर गलतफहमियां और फर्जी खबरें फैलाने का भी आरोप लगाया।
फॉर्म-6 को लेकर राहुल गांधी पर निशाना
बीजेपी नेता ने राहुल गांधी की ओर से फॉर्म-6 को लेकर किए गए दावों पर भी सवाल उठाए। यह विवाद उस समय बढ़ा जब सुप्रीम कोर्ट में फॉर्म-6 से संबंधित याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि अदालत ने फॉर्म-6 के किसी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी है। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि फॉर्म-6 में बदलाव नहीं किया गया, बल्कि SIR के दौरान एक अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई थी।
संबित पात्रा ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म-6 को अवैध घोषित नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अदालत ने याचिका में किए गए संशोधन के दावे पर रिकॉर्ड देखने की बात कही है। पात्रा के मुताबिक, चुनाव आयोग ने भी अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
हालांकि, फॉर्म-6 को लेकर चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के बीच राजनीतिक विवाद जारी है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि फॉर्म-6 में बदलाव किए गए, जबकि चुनाव आयोग ने उनके बयान को भ्रामक बताते हुए अपना पक्ष रखा है।
SIR के फैसले को लेकर भी पलटवार
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें चुनाव आयोग के फैसले को लेकर कथित तौर पर आयुक्तों के बीच असहमति की बात कही गई थी। उन्होंने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में SIR संबंधी आदेश सर्वसम्मति से जारी किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, बिहार में SIR को लेकर चुनाव आयोग की शक्ति और प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर अदालत ने 27 मई 2026 को फैसला सुनाया था। अदालत ने SIR की संवैधानिक और वैधानिक रूपरेखा पर विचार किया था।
बीजेपी ने इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस और राहुल गांधी से चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को लेकर जवाबदेही की मांग की है। वहीं INDIA ब्लॉक SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपना विरोध जारी रखे हुए है और 6 अक्टूबर को उसके सांसद चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च के लिए निकले।

