
बिहार में चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति (BPSC TRE 4) के लिए ज़रूरी आरक्षण रोस्टर तैयार करने में 31 जिलों ने अभी तक रिपोर्ट नहीं भेजी है। नए आरक्षण मानक के अनुसार सभी जिलों से रिक्तियां मांगी गई थीं, लेकिन पुराने रोस्टर पर भेजी गई रिक्तियों को विभाग ने वापस कर दिया।
शिक्षा विभाग ने साफ निर्देश दिया है कि TRE 4 में केवल नए आरक्षण रोस्टर के आधार पर ही भर्ती की जाएगी।
सिर्फ सात जिलों ने नए मानक के अनुसार रोस्टर भेजा
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर ने बताया कि बिहार के केवल 7 जिलों ने ही नए प्रारूप में आरक्षण रोस्टर तैयार कर भेजा है।
बाकी जिलों को 7 दिनों की अंतिम समय सीमा दी गई है। निर्धारित समय में रोस्टर न भेजने वाले जिलों के डीईओ के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
टीआरई 3 की रिक्तियों को नए फॉर्मेट में भेजने का निर्देश
शिक्षा विभाग के अनुसार, TRE 3 के अंतर्गत वर्ग 1–5, 6–8, 9–10 और 11–12 के विषयवार रिक्त पदों को आरक्षण समाशोधन के बाद सामान्य प्रशासन विभाग के जरिए BPSC को भेजना था।
इसके लिए सभी जिलों को फॉर्मेट पहले ही उपलब्ध कराया गया था।
अब TRE 4 में इन्हीं अद्यतन आंकड़ों पर आधारित नया रोस्टर अनिवार्य होगा।
बैकलॉग गणना पर विशेष दिशा-निर्देश
आरक्षण मानक के अनुसार बैकलॉग की गणना के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य नियम यह है कि बैकलॉग तभी बनेगा, जब गैर-आरक्षित वर्ग (EWS सहित) में कार्यरत कर्मियों की संख्या आरक्षित वर्ग से अधिक हो।
बैकलॉग गणना का वास्तविक उदाहरण
मान लें किसी स्कूल में कुल स्वीकृत पद 7 हैं।
वर्तमान में 4 शिक्षक कार्यरत हैं—
- 2 सामान्य वर्ग
- 1 EWS
- 1 पिछड़ा वर्ग
इस स्थिति में गैर-आरक्षित वर्ग के कर्मी = 3
आरक्षित वर्ग के कर्मी = 1
चूंकि गैर-आरक्षित की संख्या अधिक है, इसलिए बैकलॉग लागू होगा।
यहां बैकलॉग की गणना इस अंतर के आधार पर की जाएगी, यानी कुल 2 पद बैकलॉग के रूप में माने जाएंगे।

