सीजेपी ने एसआईआर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है।
नई दिल्ली, 5 अक्टूबर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया है कि 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से पहले सरकार उन्हें और पार्टी के अन्य नेताओं को गिरफ्तार करने की योजना बना रही है। हालांकि, दास ने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया है।
सीजेपी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 10 अक्टूबर को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
‘युवा पीढ़ी जाग चुकी है’
सौरव दास ने रविवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि सरकार उन्हें, पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका, रत्ना सिंह और अन्य सीजेपी नेताओं को गिरफ्तार करने की योजना बना रही है।
दास ने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि ऐसी कार्रवाई से आंदोलन को रोका जा सकता है तो यह उसकी गलती होगी। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि नेता गिरफ्तार हों या न हों, लोग अपने अधिकारों और भविष्य के लिए आंदोलन जारी रखें।
उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता जेल जाने जैसी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं और 10 अक्टूबर से देशभर में बड़े स्तर पर लामबंदी की अपील की।
अभिजीत दिपके ने अमित शाह पर साधा निशाना
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी गिरफ्तारी के दावे का समर्थन किया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाते हुए एक्स पर लिखा कि 10 अक्टूबर को पूरा देश प्रदर्शन के लिए आएगा।
सीजेपी नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा। पार्टी ने हाल में मुंबई के शिवाजी पार्क में भी एसआईआर को लेकर प्रदर्शन किया था।
एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर उठे सवाल
एसआईआर को लेकर विवाद उस रिपोर्ट के बाद बढ़ा जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों पर कहा है कि अलग-अलग सुझाव और टिप्पणियां निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं और प्रमुख फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
इस बीच जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने की मांग की गई है।
सीजेपी नेताओं के संभावित हिरासत या गिरफ्तारी के दावों के बीच दिल्ली में एसआईआर और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। रविवार के एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस के अनुसार करीब 110 लोगों को हिरासत में लिया गया था और लगभग 15 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

