ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर ED का शिकंजा: विंजो और गेमजक्राफ्ट के ठिकानों पर छापेमारी

Thecity news
4 Min Read

गेमिंग कंपनियों पर बड़ा एक्शन

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों विंजो (Winzo) और गेमजक्राफ्ट (Gameskraft) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ये कार्रवाई गेमर्स को नुकसान पहुँचाने के लिए हेरफेर किए गए एल्गोरिदम (Manipulated Algorithms) के उपयोग की शिकायतों के बाद की गई है। इस गंभीर आरोप को लेकर ED ने दोनों फर्मों के प्रमुख ठिकानों पर गहन तलाशी अभियान चलाया है।

देशभर में 11 ठिकानों पर छापेमारी

ED के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने इस मामले में दोनों कंपनियों से जुड़े कुल 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें बेंगलुरु के 5 स्थान, दिल्ली के 4 स्थान और गुरुग्राम के 2 स्थान शामिल हैं। ये व्यापक कार्रवाई दर्शाती है कि जाँच एजेंसी इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रही है।

कंपनियों का संचालन केंद्र

कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि गेमिंग प्लेटफॉर्म विंजो का संचालन मुख्यतः बेंगलुरु से किया जाता है, जबकि दूसरी फर्म गेमजक्राफ्ट का संचालन दिल्ली से किया जाता है। इन मुख्य परिचालन केंद्रों पर ही ED ने अपनी तलाशी पर ध्यान केंद्रित किया।

हेरफेर वाले एल्गोरिदम का आरोप

रिपोर्टों के अनुसार, ED ने विंजो और गेमजक्राफ्ट के कॉर्पोरेट कार्यालयों और उनके प्रमुख अधिकारियों के आवासों पर हेराफेरी वाले एल्गोरिदम के आरोपों के सिलसिले में छापे मारे। यह आरोप गेमिंग प्लेटफॉर्म की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

क्रिप्टो वॉलेट और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका

तलाशी अभियान में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जाँच के दौरान यह पता चला है कि प्रमोटरों के पास क्रिप्टो वॉलेट (Crypto Wallets) हैं। ED अधिकारियों के अनुसार, इससे क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) की संभावना का संकेत मिलता है, जो मामले को और अधिक जटिल बना देता है।

पीड़ित गेमर्स की FIR

ED अधिकारियों ने ANI को बताया कि पीड़ित गेमर्स ने प्राथमिकी (FIR) में स्पष्ट रूप से गेमिंग कंपनियों पर उन्हें नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया है। ये शिकायतें ही ED की कार्रवाई का आधार बनीं और अब जाँच इस दिशा में आगे बढ़ रही है कि किस हद तक इन एल्गोरिदम का उपयोग गेमर्स के खिलाफ किया गया।

रियल-मनी गेम पर पहले ही प्रतिबंध

इस छापेमारी से पहले ही देश में रियल-मनी गेम पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। यह प्रतिबंध 1 अक्टूबर से प्रभावी हुआ है। इस फैसले के बाद ड्रीम 11, माय 11 सर्किल, विनजो, जूपी और पोकरबाजी जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपनी रियल-मनी गेमिंग सेवाओं को बंद कर दिया है।

IT मंत्री का बयान

इस पूरे घटनाक्रम और रियल-मनी गेमिंग पर लगे प्रतिबंध को लेकर आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने PTI को जानकारी दी। उन्होंने बताया, “कानून पारित होने के बाद हमने गेमिंग कंपनियों, साथ ही बैंकों और व्यावहारिक रूप से सभी हितधारकों के साथ बातचीत की और नियमों को अंतिम रूप दिया है।” यह दर्शाता है कि सरकार गेमिंग उद्योग को लेकर एक स्पष्ट नियामक ढांचा स्थापित करने पर काम कर रही है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *