जून में SIP निवेश तीन महीने के उच्च स्तर पर, DII ने भी ₹8,280 करोड़ का किया निवेश
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की एक बार फिर खरीदारी देखने को मिली है। एक्सचेंज के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह एफआईआई ने 4,670 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) भी बाजार में लगातार सक्रिय रहे और उन्होंने 8,280 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।
इस बीच, एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश बढ़कर 31,780 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले तीन महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है।
मई के मुकाबले जून में बढ़ा SIP निवेश
विश्लेषकों के अनुसार, जून का SIP निवेश मई के 30,950 करोड़ रुपये की तुलना में 2.7% अधिक रहा। वहीं, जून 2025 के 27,270 करोड़ रुपये के मुकाबले इसमें 16.5% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी के अनुसार, प्रमुख शेयर सूचकांकों में लगातार चार सप्ताह की तेजी इस सप्ताह थम गई। सप्ताह की शुरुआत में निफ्टी ने मजबूती दिखाई और मंगलवार को 24,530 के साप्ताहिक उच्च स्तर तक पहुंच गया।
मिडिल ईस्ट तनाव से बाजार में बढ़ी गिरावट
सप्ताह के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। बुधवार को निफ्टी गिरकर 23,805 के साप्ताहिक निचले स्तर तक पहुंच गया, जिससे हालिया तेजी लगभग खत्म हो गई।
हालांकि, अंतिम दो कारोबारी सत्रों में बाजार ने मजबूत रिकवरी दिखाई और निफ्टी करीब 24,200 के स्तर पर बंद हुआ। इसके बावजूद पूरे सप्ताह में सूचकांक में लगभग 0.26% की मामूली गिरावट दर्ज की गई।
डेट मार्केट में भी बढ़ा विदेशी निवेश
विश्लेषकों का मानना है कि सरकार की हालिया नीतियों ने विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। विदेशी ऋण निवेशकों (FDI) के लिए कर ढांचे में सुधार और विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने से जुड़े कदमों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है।
हाल के दिनों में भारतीय डेट मार्केट में भी विदेशी निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है। अनुमान के मुताबिक, एफआईआई ने डेट मार्केट में 5 से 6 अरब डॉलर का निवेश किया है।
घरेलू निवेशकों ने संभाला बाजार
जून महीने में विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजार में करीब 3 अरब डॉलर के शुद्ध विक्रेता (Net Sellers) रहे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब 9 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश किया।
जेएम फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 12 महीनों में भारतीय प्राथमिक बाजार में एफआईआई ने 8.1 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश किया है, जबकि द्वितीयक बाजार से उन्होंने 49.3 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी की है।

