भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर डॉलर से सर्राफा बाजार में तेजी, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय सर्राफा बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है। सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की बढ़ती मांग और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के चलते सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। त्योहारी और शादी के सीजन से पहले बढ़ते दामों ने आभूषण खरीदने की तैयारी कर रहे ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक संकेतों के कारण आने वाले दिनों में भी सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वहीं, एमसीएक्स (MCX) पर भी दोनों कीमती धातुओं के वायदा कारोबार में अच्छी तेजी देखने को मिली।
सोने के ताजा भाव
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, बाजार बंद होने तक 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,43,368 प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना ₹1,48,500 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।
एमसीएक्स पर अगस्त गोल्ड फ्यूचर्स ₹1,43,480 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, गुडरिटर्न्स के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,44,330 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
चांदी के दाम में भी तेज उछाल
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी ₹5,000 बढ़कर ₹2,37,000 प्रति किलोग्राम पहुंच गई।
- MCX पर चांदी वायदा: ₹2,22,680 प्रति किलोग्राम
- IBJA के अनुसार: ₹2,20,390 प्रति किलोग्राम
- गुडरिटर्न्स के अनुसार: ₹2,35,000 प्रति किलोग्राम
विशेषज्ञों का कहना है कि खरीदारी से पहले ग्राहकों को अपने स्थानीय बाजार के ताजा भाव जरूर जांच लेने चाहिए।
प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव
| शहर | 24 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) |
|---|---|
| दिल्ली | 1,44,480 |
| मुंबई | 1,44,330 |
| चेन्नई | 1,45,090 |
| पटना | 1,44,380 |
| लखनऊ | 1,44,480 |
| कोलकाता | 1,44,330 |
क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और निचले स्तर पर हुई खरीदारी ने सोने की कीमतों को समर्थन दिया है। वहीं, बाजार के अन्य जानकारों का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच जारी कूटनीतिक गतिविधियों और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
विशेषज्ञों की नजर अब अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर टिकी है। इन आंकड़ों के बाद ही सोने और चांदी की कीमतों की अगली दिशा तय होने की संभावना है।

