वैश्विक बाजार में तेजी के बीच घरेलू सराफा बाजार में सोना-चांदी महंगे हो गए। 24 कैरेट सोना 1,49,730 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी 2,76,864 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
वैश्विक बाजार में तेजी के चलते भारतीय सराफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं के भाव बढ़ गए, जिससे खरीदारों को बड़ा झटका लगा। इस सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन भी तेजी का सिलसिला जारी रहा।
त्योहारी सीजन से पहले सोने की कीमतों में आई इस तेजी ने आम ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार चौथे दिन बढ़ोतरी के बाद सोना एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। सराफा कारोबारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
सोने और चांदी के ताजा भाव
घरेलू सराफा बाजार में आज 24 कैरेट सोने की कीमत में 2,890 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद 24 कैरेट सोना 1,49,730 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव बढ़कर 1,37,250 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। 18 कैरेट सोना 1,12,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा।
चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला। आज चांदी 6,200 रुपये महंगी होकर 2,76,864 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर चांदी का वायदा भाव 794 रुपये बढ़कर 2,28,378 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। सराफा संघ के अनुसार, औद्योगिक मांग बढ़ने से चांदी की कीमतों को समर्थन मिला है।
प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने के भाव
- दिल्ली: 1,45,900 रुपये प्रति 10 ग्राम
- मुंबई: 1,45,750 रुपये प्रति 10 ग्राम
- कोलकाता: 1,45,750 रुपये प्रति 10 ग्राम
- चेन्नई: 1,45,750 रुपये प्रति 10 ग्राम
- हैदराबाद: 1,45,750 रुपये प्रति 10 ग्राम
- लखनऊ: 1,45,900 रुपये प्रति 10 ग्राम
- अयोध्या: 1,45,900 रुपये प्रति 10 ग्राम
- पटना: 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम
विशेषज्ञों ने बताई तेजी की वजह
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद और होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खुलने की संभावनाओं ने वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों को समर्थन दिया है।
वहीं, मिराए एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका कमजोर हुई है, जिससे कीमती धातुओं में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

