जयपुर की 9 वर्षीय छात्रा अमायरा के आत्महत्या मामले में CBSE ने नीरजा मोदी स्कूल को दोषी बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि छात्रा 18 महीने से सहपाठियों द्वारा परेशान हो रही थी, जबकि स्कूल ने मदद नहीं की और साक्ष्य मिटाने का आरोप भी सामने आया है।
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जयपुर में 9 वर्षीय छात्रा अमायरा के आत्महत्या मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। CBSE की जांच में पाया गया कि कक्षा 4 की छात्रा को 18 महीने तक सहपाठी परेशान कर रहे थे, लेकिन नीरजा मोदी स्कूल ने कोई कार्रवाई नहीं की।
घटना वाले दिन अमायरा ने दो अध्यापकों से शिकायत की थी, पर ध्यान न दिए जाने के कारण उसने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली।
🔴 पूरा मामला क्या है?
- अमायरा कक्षा 4 की छात्रा थी।
- उसे सहपाठी बुरी बातें बोलकर और शर्मिंदा करके परेशान कर रहे थे।
- 1 नवंबर को अमायरा ने शिक्षकों से मदद मांगी, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली।
- तंग आकर उसने स्कूल की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी।
- घटना का वीडियो सामने आया, जिसमें छात्रा कूदते दिख रही है।
🔴 मां ने स्कूल पर सबूत मिटाने का आरोप लगाया
अमायरा के परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूल ने:
- सबूत मिटाए
- बच्ची को मानसिक रूप से परेशान किया
- कोई सार्थक सहयोग नहीं किया
परिवार ने एक साल पुरानी ऑडियो क्लिप भी दिखाई, जिसमें अमायरा अपनी मां को रोते हुए शिकायत करती दिख रही थी।
🔴 CBSE रिपोर्ट में क्या कहा गया?
- छात्रा ने घटना वाले दिन 45 मिनट तक शिक्षक से विनती की, कोई मदद नहीं मिली।
- कक्षा शिक्षिका ने माना कि अमायरा को सहपाठी द्वारा अपशब्दों का सामना करना पड़ा।
- अभिभावकों ने 3 से ज्यादा बार समस्याएं बताईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- मार्च 2025 में छात्रा का दूसरे स्कूल में प्रवेश भी नहीं हो सका।
🔴 स्कूल ने सबूत नष्ट किए
- CBSE जांच में पाया गया कि स्कूल प्रबंधन ने घटनास्थल को फोरेंसिक जांच से पहले साफ कर दिया, जिससे साक्ष्य नष्ट होने की संभावना बढ़ गई।
- स्कूल प्रबंधक को घोर उल्लंघन और छात्रा को लंबे समय तक परेशान करने के लिए नोटिस जारी किया गया।
- 30 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।

