जयराम रमेश ने संसद परिसर में राजनाथ सिंह को रोककर मणिबेन पटेल की डायरी के पन्ने दिखाए। नेहरू और बाबरी मस्जिद पर दिए बयान को गलत बताया।
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने गुरुवार को संसद परिसर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को रोक लिया और उनके हालिया बयान पर सबूत पेश किए।
जयराम रमेश ने राजनाथ सिंह को सरदार वल्लभभाई पटेल की बेटी मणिबेन पटेल की डायरी के वे पन्ने सौंपे, जिनमें जवाहरलाल नेहरू और बाबरी मस्जिद का उल्लेख गुजराती भाषा में दर्ज है।
जयराम ने राजनाथ से कहा कि वे इन पन्नों को एक बार जरूर पढ़ें।
इस पर राजनाथ सिंह ने जवाब दिया—
“मुझे गुजराती नहीं आती।”
राजनाथ सिंह के किस बयान से नाराज है कांग्रेस?
हाल ही में गुजरात के वडोदरा में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने भाषण देते हुए कहा था कि—
- नेहरू सरकारी पैसे से बाबरी मस्जिद बनवाना चाहते थे
- लेकिन पटेल ने उन्हें रोक दिया
- और सोमनाथ मंदिर पर खर्च को लेकर दोनों के बीच मतभेद का जिक्र किया
यह भाषण साधली गांव में ‘यूनिटी मार्च’ के दौरान दिया गया था।
कांग्रेस ने इसे ऐतिहासिक रूप से गलत बताया और कहा कि BJP इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।
जयराम रमेश ने क्या सौंपे सबूत?
जयराम रमेश ने राजनाथ सिंह को जो कागज सौंपे, वे मणिबेन पटेल के व्यक्तिगत लेखन और पुस्तक पर आधारित हैं।
कांग्रेस नेता का दावा है कि—
- राजनाथ सिंह के सभी दावे
- मणिबेन की किताब में लिखी बातों से पूरी तरह विपरीत हैं
उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘समर्पित पदछायो सरदारनो’ पुस्तक के पेज 212–213 साझा करते हुए लिखा था:
“राजनाथ सिंह जी और उनके साथी जो इतिहास फैला रहे हैं, वह तथ्य से बिल्कुल अलग है।
उन्हें माफी मांगनी चाहिए।”
विवाद बढ़ा, राजनीतिक तकरार तेज
इस घटना के बाद
- राजनैतिक माहौल गर्म है
- कांग्रेस BJP पर “झूठ फैलाने” का आरोप लगा रही है
- BJP दावों पर अडिग है और इसे “तथ्य आधारित” बता रही है
संसद परिसर में हुई यह आमने-सामने की बातचीत सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
सोशल मीडिया पर वायरल — जयराम रमेश ने सौंपे कागज
कांग्रेस नेता द्वारा राजनाथ सिंह को कागज सौंपते हुए तस्वीरें और वीडियो ट्विटर (X) पर तेजी से फैल रहे हैं।
बहस अब इस बात पर केंद्रित है कि कौन सा संस्करण सही है — मणिबेन पटेल की डायरी या राजनाथ सिंह का दावा?

