सुप्रीम कोर्ट: न्यायमूर्ति सूर्यकांत बने भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश, शपथ ग्रहण समारोह में विदेशी न्यायाधीश भी मौजूद

Thecity news
3 Min Read

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 24 नवंबर, 2025 को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शपथ ग्रहण करवाई। उनका मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का निपटारा और मध्यस्थता को बढ़ावा देना है।

News Article:

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्यकांत आज शपथ लेकर भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) बन गए हैं। उन्होंने न्यायमूर्ति बीआर गवई की जगह ली, जो रविवार शाम को सेवानिवृत्त हुए।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित औपचारिक कार्यक्रम में उन्हें CJI पद की शपथ दिलाई। विशेष बात यह रही कि शपथ हिंदी में दिलाई गई, जबकि अधिकतर CJI अंग्रेजी में शपथ लेते हैं।
उनका कार्यकाल 24 नवंबर, 2025 से 9 फरवरी, 2027 तक रहेगा।

खास बातें

  • पूर्व CJI ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत को गले लगाया।
  • शपथ ग्रहण के बाद न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ मिलाया।
  • उन्होंने अपने बुजुर्गों का पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया।
  • शपथ ग्रहण में भूटान, केन्या, मलेशिया, नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस और ब्राजील सहित कई देशों के न्यायाधीश उपस्थित रहे। यह पहली बार हुआ जब CJI के शपथ ग्रहण में विदेशी न्यायिक प्रतिनिधिमंडल मौजूद था।

प्राथमिकता: लंबित मामलों को कम करना

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने पहले ही कहा था कि उनका प्रमुख ध्यान देश की अदालतों में लंबित मामलों की भारी संख्या को कम करने पर होगा।
उन्होंने मध्यस्थता और वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र को महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे वादियों को अदालत के बाहर ही तेज़ी से समाधान मिल सके।

अहम फैसलों में योगदान

न्यायमूर्ति सूर्यकांत संवैधानिक, मानवाधिकार और प्रशासनिक मामलों में 1,000 से अधिक फैसलों में शामिल रहे हैं।
उनके कुछ प्रमुख फैसले हैं:

  • अनुच्छेद-370 को हटाने वाला फैसला
  • पेगासस जासूसी मामले में साइबर विशेषज्ञों का पैनल
  • औपनिवेशिक काल के ‘देशद्रोह कानून’ को स्थगित करने वाला फैसला
  • वन रैंक-वन पेंशन (OROP) स्कीम को संवैधानिक रूप से मान्यता

पहचान: कौन हैं न्यायमूर्ति सूर्यकांत?

  • जन्म: 10 फरवरी, 1962, हिसार, हरियाणा
  • शिक्षा: 1981 में हिसार के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से स्नातक, 1984 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से लॉ
  • करियर: 1984 में हिसार जिला न्यायालय में वकालत शुरू, 1985 में पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में शामिल, 2001 में वरिष्ठ अधिवक्ता, मई 2019 में सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश

न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट लंबित मामलों में तेजी और न्याय की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में काम करेगी।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *