महाराष्ट्र में फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र घोटाले का खुलासा। 719 सरकारी कर्मचारी जांच के घेरे में। 21 निलंबित, 2 बर्खास्त। सरकार ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
महाराष्ट्र में फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र घोटाले का खुलासा हुआ है। 719 सरकारी कर्मचारियों की जांच की जा रही है। पुणे में 21 कर्मचारियों को निलंबित और नंदुरबार में 2 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया। सरकार ने संबंधित विभागों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
Complaint Details and State Response:
महाराष्ट्र सरकार को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने के मकसद से कथित रूप से फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र का उपयोग करने के लिए 719 कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं। दिव्यांग कल्याण मंत्री ने कहा कि प्रमाणपत्रों का सत्यापन अनिवार्य है और अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Employee-wise Complaints:
- सातारा: 78 कर्मचारी
- पुणे: 46 कर्मचारी (21 निलंबित)
- लातूर: 26 कर्मचारी
- नंदुरबार: 2 कर्मचारी बर्खास्त
Legal Framework and Actions:
सरकारी निर्देशों के अनुसार, जिन कर्मचारियों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाएंगे या जिनकी दिव्यांगता 40% से कम आंकी जाएगी, उन्हें दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। सभी विभागों को आठ जनवरी 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
Additional Information:
719 फर्जी विशिष्ट दिव्यांगजन पहचान पत्र (UDID) प्रमाणपत्र से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई हैं। केवल 40% या उससे अधिक मानक दिव्यांगता वाले लोग ही सरकारी नौकरियों, पदोन्नति और अन्य योजनाओं में आरक्षण जैसे लाभ पाने के पात्र हैं।
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