महाराष्ट्र में प्याज किसानों की बदहाली पर सियासी घमासान
महाराष्ट्र में प्याज उत्पादक किसानों की आर्थिक बदहाली को लेकर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है।
पटोले ने सोशल मीडिया पर एक किसान की बिक्री रसीद (पावती) साझा करते हुए सरकार की नीतियों को किसान विरोधी करार दिया।
📉 198 किलो प्याज, लेकिन हाथ में सिर्फ 22 रुपये
नाना पटोले ने अहिल्यानगर जिले के लाडजलगाव निवासी किसान गोरक्ष दराडे का उदाहरण पेश किया।
उनके अनुसार—
- किसान ने 198 किलो प्याज बेचा
- कुल बिक्री मूल्य मिला: 298 रुपये
- परिवहन, मजदूरी और अन्य खर्च घटाने के बाद
- किसान के हाथ में बचे सिर्फ 22 रुपये
इस हिसाब से प्याज का भाव 2 रुपये प्रति किलो से भी कम बैठा, जिसे पटोले ने किसानों के लिए अपमानजनक और चिंताजनक स्थिति बताया।
🧾 बिक्री पावती ने खोली जमीनी हकीकत
पटोले ने कहा कि सरकार किसानों के हित में बड़े-बड़े दावे जरूर करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
- किसान कल्याण योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं
- बाजार में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा
- उत्पादन लागत भी नहीं निकल पा रही
⚠️ सरकार की नीतिगत विफलता का आरोप
नाना पटोले ने कहा कि—
198 किलो प्याज बेचकर भी किसान का खाली हाथ लौटना राज्य सरकार की नीतिगत विफलता का स्पष्ट प्रमाण है।
उन्होंने मांग की कि—
- सरकार तुरंत हस्तक्षेप करे
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को प्रभावी ढंग से लागू करे
- प्याज उत्पादक किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए ठोस कदम उठाए

