Brihanmumbai Municipal Corporation द्वारा मीठी नदी और शहर के बड़े–छोटे नालों की सफाई के लिए तय की गई समयसीमा एक बार फिर चूक गई है। पहले 31 मई और फिर 10 जून की डेडलाइन तय की गई थी, लेकिन दोनों समयसीमाएं बीत जाने के बावजूद काम पूरा नहीं हो सका है।
मीठी नदी की सफाई 84 प्रतिशत पूरी, कई हिस्सों में अब भी गाद और कचरा जमा
बीएमसी प्रशासन के अनुसार Mithi River से गाद निकालने का कार्य लगभग 84 प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन नदी के कई हिस्से अब भी भारी मात्रा में कचरे, मलबे और जमी हुई गाद से भरे हुए हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट में खुलासा, कई जगह काम बंद पड़ा
स्थानीय निरीक्षण में सामने आया है कि कई संवेदनशील इलाकों में न तो मजदूर दिखाई दे रहे हैं और न ही मशीनरी, जिससे सफाई कार्य की गति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मानसून से पहले तैयारियों पर बड़ा सवाल
मानसून के मुख्य दौर से ठीक पहले यह स्थिति Mumbai की बाढ़-रोधी तैयारियों पर चिंता बढ़ा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार अधूरी सफाई से भारी बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
कुर्ला क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित
करीब 30 करोड़ रुपये के ठेके के तहत प्रशांत लाड और तुलजा भवानी कंस्ट्रक्शन्स को कार्य सौंपा गया था, लेकिन तय समयसीमा में काम पूरा नहीं हो सका। विशेष रूप से कुर्ला क्षेत्र में स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की नाराजगी
नगरसेविका सईदा खान ने कहा कि शुरुआती चरण के बाद काम लगभग रुक गया है, जबकि कांग्रेस गटनेता ने सवाल उठाया कि हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद नदी की स्थिति में सुधार क्यों नहीं हो रहा है।
BKC में सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त, गाद दोबारा नदी में जाने का खतरा
बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) क्षेत्र में नदी किनारे सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त पाई गई हैं। निकाली गई गाद को किनारे छोड़ देने से बारिश में उसके वापस नदी में बहने की आशंका जताई जा रही है।
बाढ़ का खतरा बढ़ा, नागरिकों में चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह झाड़ियां उग आने से पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है, जिससे जलभराव की स्थिति बन सकती है। वर्ष 2005 की बाढ़ का डर लोगों में फिर से बढ़ने लगा है।
कुल मिलाकर अधूरी सफाई और धीमी प्रगति के कारण आने वाले दिनों में मुंबई को एक बार फिर बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

