नई दिल्ली।
भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई है। खुफिया सूत्रों के हवाले से इंडिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LOC) के पास पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के अग्रिम इलाकों में ड्रोन-रोधी प्रणालियों की बड़े पैमाने पर तैनाती शुरू कर दी है।
📍 कहां-कहां हुई तैनाती?
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने LOC के साथ 30 से अधिक विशेष ड्रोन-रोधी इकाइयां तैनात की हैं। यह तैनाती मुख्य रूप से—
- रावलकोट
- कोटली
- भीमबर सेक्टर
में की गई है।
सूत्रों के अनुसार, इन इकाइयों को
- मुर्री स्थित 12वीं इन्फैंट्री डिवीजन और
- 23वीं इन्फैंट्री डिवीजन (जो कोटली और भीमबर ब्रिगेडों को नियंत्रित करती है)
के अधीन रखा गया है। इसका उद्देश्य LOC के पास हवाई निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमताओं को मजबूत करना है।
🛡️ किन ब्रिगेडों को मिली जिम्मेदारी?
- रावलकोट: दूसरी आज़ाद कश्मीर ब्रिगेड
- कोटली: तीसरी आज़ाद कश्मीर ब्रिगेड (राजौरी, पुंछ, नौशेरा, सुंदरबनी सेक्टर के सामने)
- भीमबर: 7वीं आज़ाद कश्मीर ब्रिगेड
इसके अलावा पाकिस्तान ने LOC पर अमेरिकी मिसाइल प्रणालियों की मौजूदगी भी बढ़ाई है।
⚙️ कौन-कौन सी ड्रोन-रोधी प्रणालियां तैनात?
पाकिस्तान ने PoK में निम्न प्रमुख प्रणालियां तैनात की हैं:
- स्पाइडर UAS-रोधी प्रणाली
- रेडियो फ्रिक्वेंसी और दिशा-निर्धारण तकनीक से ड्रोन की पहचान
- सफराह एंटी-UAV जैमिंग गन
- कंधे से दागी जाने वाली जैमर गन
- ओर्लिकॉन GDF 35 मिमी ट्विन बैरल एंटी-एयरक्राफ्ट गन
- अंजा MK-II और MK-III MANPADS
- पोर्टेबल एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम
🌍 चीन और तुर्की से बातचीत
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान अपनी वायु रक्षा को और मजबूत करने के लिए चीन और तुर्की से नए ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम खरीदने को लेकर बातचीत कर रहा है।
⚔️ ऑपरेशन सिंदूर का असर
गौरतलब है कि 7 मई को भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया था। इस दौरान—
- PoK में आतंकी शिविर तबाह किए गए
- पाकिस्तान के भीतर मौजूद महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया
इसी के बाद पाकिस्तान की ओर से यह सुरक्षा कदम उठाए गए हैं।

