
जयपुर: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद (RBSE) ने बड़ा निर्णय लिया है। अब बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन हर साल दो बार किया जाएगा। यह जानकारी राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने दी। उन्होंने कहा कि यह नई व्यवस्था अगले शैक्षणिक सत्र से लागू की जाएगी।
🎓 छात्रों को मिलेगा ‘बेस्ट ऑफ टू’ का फायदा
नई नीति के तहत, दोनों परीक्षाएं पूरे पाठ्यक्रम पर आधारित होंगी। छात्र दोनों परीक्षाओं में से सर्वोत्तम अंकों को अपने अंतिम परिणाम के लिए चुन सकेंगे।
शिक्षा मंत्री ने बताया — “यह व्यवस्था विद्यार्थियों के लिए अधिक अवसर, कम परीक्षा-दबाव और बेहतर परिणामों की दिशा में एक सार्थक कदम है।”
📅 कब होंगी दोनों परीक्षाएं?
- मुख्य परीक्षा: फरवरी–मार्च 2026 में आयोजित होगी।
- द्वितीय अवसर परीक्षा: मई–जून 2026 में उसी सत्र में होगी।
दोनों परीक्षाओं का पाठ्यक्रम समान रहेगा। छात्रों को यह मौका मिलेगा कि वे अपने अंकों में सुधार कर सकें या अनुपस्थित रहने पर परीक्षा का दूसरा अवसर पा सकें।
🧾 नियम और पात्रता
यदि कोई छात्र मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित रहता है, तो वह मेडिकल सर्टिफिकेट या जिला शिक्षा अधिकारी के प्रमाणपत्र के आधार पर द्वितीय परीक्षा में बैठ सकेगा।
परीक्षा शुल्क दोनों अवसरों के लिए समान रहेगा। यह नीति कक्षा 10वीं और 12वीं के सभी विद्यार्थियों पर लागू होगी।
🎯 उद्देश्य: कम तनाव, बेहतर परिणाम
राजस्थान सरकार का यह कदम छात्रों पर से परीक्षा का दबाव घटाने और उन्हें अंक सुधारने का समान अवसर देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस नीति से छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
📊 शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार
RBSE की यह नई परीक्षा प्रणाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप है। इस नीति का उद्देश्य है कि छात्रों को लचीलापन (flexibility) और संतुलित मूल्यांकन (balanced assessment) के अधिक अवसर मिलें।

