भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार (4 अगस्त) को कारोबार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 पर मुनाफावसूली का दबाव दिखा, जबकि बीएसई सेंसेक्स बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। आईटी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली रही, जबकि मेटल और एनर्जी शेयरों ने मजबूती दिखाई।
निफ्टी में गिरावट, सेंसेक्स बढ़त के साथ कारोबार
कारोबार की शुरुआत में निफ्टी 50 167.95 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,606.35 पर पहुंच गया। इंडेक्स ने दिन की शुरुआत 24,703.90 के स्तर से की थी, लेकिन बिकवाली के दबाव में यह 24,589.85 के निचले स्तर तक फिसल गया।
वहीं बीएसई सेंसेक्स 127.12 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,766.15 पर कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स ने 79,132.97 पर मजबूत शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में 79,143.15 के उच्च स्तर तक पहुंचा। हालांकि बाद में मुनाफावसूली के चलते यह 78,744.34 तक फिसला, लेकिन फिर भी हरे निशान में बना रहा।
आईटी और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली
शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक दबाव निफ्टी आईटी और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स पर रहा, जिनमें करीब एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा इन सेक्टरों में भी कमजोरी देखने को मिली:
- एफएमसीजी
- कंज्यूमर ड्यूरेबल्स
- फाइनेंशियल सर्विसेज
- फार्मा
- ऑयल एंड गैस
- हेल्थकेयर
- ऑटो
- इंफ्रा
- पीएसई
वहीं निफ्टी मेटल और निफ्टी एनर्जी इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का हाल
व्यापक बाजार में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला।
- निफ्टी मिडकैप 100 87 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63,535 पर कारोबार कर रहा था।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 92 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,684 पर पहुंच गया।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
एशियाई बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला।
- बढ़त: शंघाई, बैंकॉक और जकार्ता
- गिरावट: टोक्यो, हांगकांग और सोल
वहीं अमेरिकी बाजार सोमवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे। डॉव जोन्स 1.32 प्रतिशत और नैस्डैक 2.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत संकेत निवेशकों का भरोसा बढ़ा रहे हैं। क्रेडिट ग्रोथ, ऑटो बिक्री और जीएसटी कलेक्शन में सुधार आर्थिक मजबूती की ओर इशारा कर रहे हैं। साथ ही भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की वापसी भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

