UIDAI Data Vault: आधार से जुड़ा डाटा अब रहेगा सुरक्षित, UIDAI ने सभी बैंकों और फिनटेक कंपनियों को दिया आदेश

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नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सभी बैंकों, फिनटेक कंपनियों और सरकारी संस्थाओं को “आधार डाटा वॉल्ट (ADV)” नामक सुरक्षित प्रणाली लागू करने का निर्देश दिया है।
यह नई प्रणाली नागरिकों के आधार से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जैसे आधार संख्या, eKYC डेटा, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि और पता को सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहीत करेगी।

UIDAI के इस निर्णय का उद्देश्य है — डाटा चोरी, अनधिकृत पहुंच और पहचान की धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों पर रोक लगाना और नागरिकों की निजता की रक्षा करना।


🧩 क्या है आधार डाटा वॉल्ट सिस्टम?

आधार डाटा वॉल्ट (Aadhaar Data Vault) एक एन्क्रिप्टेड डिजिटल स्टोरेज सिस्टम है।
इसमें नागरिकों का आधार डाटा एन्क्रिप्शन टेक्नोलॉजी के माध्यम से सुरक्षित रखा जाता है, ताकि यह किसी भी अनधिकृत उपयोगकर्ता की पहुंच से बाहर रहे।

👉 इस सिस्टम की खासियतें:

  • आधार संख्या और व्यक्तिगत जानकारी केवल एक केंद्रीकृत सुरक्षित वॉल्ट में संग्रहीत होगी।
  • किसी अन्य डेटाबेस में डुप्लिकेट कॉपी नहीं रखी जाएगी।
  • डाटा तक पहुंच केवल अधिकृत और प्रमाणित व्यक्तियों को ही होगी।
  • हर एक्सेस का ऑडिट रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

UIDAI का कहना है कि इससे देश में डिजिटल गवर्नेंस और साइबर सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।


🏦 किन संस्थाओं को बनाना होगा यह वॉल्ट?

UIDAI ने स्पष्ट किया है कि हर संस्था जो आधार या eKYC का इस्तेमाल करती है — जैसे बैंक, एनबीएफसी, बीमा कंपनियां, टेलीकॉम ऑपरेटर, और सरकारी एजेंसियां — उन्हें यह आधार डाटा वॉल्ट (ADV) स्थापित करना अनिवार्य है।

इन संस्थाओं को करना होगा:

  • सभी आधार संबंधित डाटा को वॉल्ट में ट्रांसफर
  • हर आधार संख्या को एक नई संदर्भ कुंजी (Reference Key) से बदलना
  • नियमित सुरक्षा ऑडिट और एन्क्रिप्शन जांच
  • डाटा एक्सेस का पूरा लॉग और मॉनिटरिंग रिकॉर्ड बनाए रखना

इससे किसी भी संस्था द्वारा नागरिकों की आधार जानकारी का लोकल स्टोरेज या गलत इस्तेमाल पूरी तरह रोका जा सकेगा।


🛡️ नागरिकों को मिलेगा अतिरिक्त सुरक्षा लाभ

UIDAI की नई नीति के तहत अब कोई भी संस्था किसी व्यक्ति का आधार PDF, स्कैन या eKYC फाइल अपने लोकल सिस्टम में सेव नहीं कर सकेगी।
सभी आधार डेटा को केवल एन्क्रिप्टेड वॉल्ट में ही स्टोर किया जा सकेगा।

इससे नागरिकों को मिलने वाले मुख्य लाभ:

  • पहचान की चोरी या धोखाधड़ी का जोखिम घटेगा।
  • डेटा लीक की घटनाएं कम होंगी।
  • गोपनीयता और डिजिटल निजता को कानूनी सुरक्षा मिलेगी।

UIDAI ने कहा कि यह कदम भारत को “सुरक्षित डिजिटल पहचान” (Secure Digital Identity Ecosystem) की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन साबित करेगा।

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