Bihar Election 2025 Phase 2: बिहार में दूसरे चरण का चुनाव प्रचार थमा, 11 नवंबर को 122 सीटों पर मतदान

Thecity news
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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण का चुनाव प्रचार आज समाप्त हो गया। अब 11 नवंबर को 18 जिलों की 122 सीटों पर वोटिंग होगी। इन सीटों पर कुल 1,302 उम्मीदवार मैदान में हैं, जो अपनी किस्मत आजमाएंगे।
इस चरण में उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे जिलों से लेकर चंपारण, मिथिलांचल और सीमांचल तक के क्षेत्र शामिल हैं।


🧭 पारंपरिक रूप से किसका रहा है दबदबा?

दूसरे चरण में जिन क्षेत्रों में मतदान होना है, वे बिहार के मध्य, पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में आते हैं।

  • मिथिलांचल, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी और सारण जिलों में पारंपरिक रूप से भाजपा का दबदबा रहा है।
  • वहीं, मगध क्षेत्र (गया, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, अरवल) में महागठबंधन का मजबूत जनाधार है।
  • सीमांचल में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ AIMIM का भी प्रभाव देखा गया है।

📊 पिछले चुनाव में किसे मिली थी बढ़त?

2020 के विधानसभा चुनाव में इन 122 सीटों में से —

  • NDA को 66 सीटें,
  • महागठबंधन को 49 सीटें,
  • AIMIM को 5 सीटें और
  • BSP को 1 सीट मिली थी।

NDA में भाजपा ने 42, JDU ने 20 और HAM (जीतनराम मांझी) ने 4 सीटें जीती थीं।
वहीं, RJD ने 33, कांग्रेस ने 11 और CPI(ML) ने 5 सीटें जीती थीं।


🌾 सीमांचल में फिर किंगमेकर बनेंगे ओवैसी?

किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया और अररिया जैसे जिलों वाले सीमांचल क्षेत्र की 24 सीटें इस बार भी अहम रहेंगी।
2020 में AIMIM ने यहां 5 सीटें जीतकर RJD और कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाई थी।
यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल है और यहां वोटों का बंटवारा NDA के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।


🔥 NDA के सामने बड़ी चुनौती

दूसरे चरण में भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर है।
पहले चरण में जहां JDU की परीक्षा थी, वहीं इस चरण में भाजपा की सीटें दांव पर हैं।
जीतनराम मांझी के दल की भी इस चरण में अग्निपरीक्षा होगी।
साथ ही, जमुई में चिराग पासवान के लिए यह चुनाव अपने प्रभाव क्षेत्र में मजबूती दिखाने का मौका है।


🧩 महागठबंधन की भी अग्निपरीक्षा

महागठबंधन में शामिल RJD और कांग्रेस दोनों के लिए यह चरण निर्णायक रहेगा।
पिछले चुनाव में AIMIM ने इन दलों के पारंपरिक वोटों में सेंध लगाई थी।
मगध क्षेत्र में RJD का प्रदर्शन मजबूत रहा था, लेकिन अब उसे न सिर्फ उन सीटों को बचाना बल्कि सीटें बढ़ाने की चुनौती भी है।
CPI और CPI-ML को भी अपने कोटे की सीटें बचाने की चुनौती का सामना है।


🗳️ कौन बनेगा बिहार का किंगमेकर?

दूसरे चरण का मतदान राजनीतिक संतुलन तय करने वाला साबित हो सकता है।
NDA, RJD, कांग्रेस और AIMIM — चारों दलों के लिए यह चरण चुनावी समीकरण को नया रूप दे सकता है।
11 नवंबर को होने वाले मतदान के बाद सभी की निगाहें सीमांचल और मिथिलांचल पर टिकी रहेंगी।

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