विराट कोहली और ऋषभ पंत विजय हजारे ट्रॉफी 2025 में दिल्ली की टीम के साथ चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेल सकते हैं। KSCA ने मुकाबले शिफ्ट किए, दर्शकों को भी मिल सकती है एंट्री।
क्या है खबर?
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेलते नजर आ सकते हैं। कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने सुरक्षा कारणों से विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली से जुड़े मुकाबलों को अलूर से हटाकर चिन्नास्वामी स्टेडियम में कराने का फैसला किया है।
मौजूदा हालात में विराट कोहली और ऋषभ पंत दोनों को दिल्ली की टीम में शामिल किया गया है और दोनों पहले तीन मुकाबलों के लिए उपलब्ध हो सकते हैं।
आम दर्शक भी देख सकेंगे मैच
दिल्ली के स्टार खिलाड़ियों की मौजूदगी को देखते हुए KSCA चिन्नास्वामी स्टेडियम के कुछ स्टैंड आम दर्शकों के लिए खोलने पर विचार कर रहा है। संभावना है कि 2,000 से 3,000 दर्शकों को स्टेडियम में प्रवेश की अनुमति दी जाए।
KSCA अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने कर्नाटक सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक में यह भरोसा दिलाया है कि जस्टिस जॉन कुन्हा आयोग की सुरक्षा सिफारिशों को यथासंभव लागू किया जाएगा। विजय हजारे ट्रॉफी को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके बाद IPL मैचों की भी वापसी संभव है।
कर्नाटक सरकार का रुख
कर्नाटक सरकार ने साफ किया है कि चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच तभी कराए जाएंगे जब सभी सुरक्षा गाइडलाइंस का सख्ती से पालन होगा।
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने KSCA अध्यक्ष से मुलाकात के बाद कहा कि राज्य सरकार की क्रिकेट को बेंगलुरु से बाहर ले जाने की कोई योजना नहीं है, लेकिन सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
कुन्हा आयोग की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
जस्टिस जॉन माइकल कुन्हा आयोग ने बेंगलुरु भगदड़ की जांच के बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम को बड़े आयोजनों के लिए अयोग्य बताया था।
रिपोर्ट में कहा गया था कि स्टेडियम की डिजाइन और संरचना भारी भीड़ के लिए अनुपयुक्त और असुरक्षित है। आयोग के अनुसार, भविष्य में बड़े आयोजनों की मेजबानी सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम बन सकती है।
इस वजह से घरेलू क्रिकेट खेल रहे कोहली
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की नई घरेलू क्रिकेट नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को उपलब्ध होने पर अपने राज्य की टीम के लिए खेलना अनिवार्य किया गया है।
कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की अगुवाई में इस नीति को सख्ती से लागू किया जा रहा है। इसी वजह से विराट कोहली, रोहित शर्मा और अन्य सीनियर खिलाड़ी घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं।

