पश्चिम बंगाल: SIR में 57 लाख नाम कटे, ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट पर क्या है आंकड़ा?

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पश्चिम बंगाल में SIR के तहत 57 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट समेत TMC और BJP नेताओं की सीटों पर कितने नाम कटे, जानें पूरा आंकड़ा।

पश्चिम बंगाल: SIR में 57 लाख नाम कटे, ममता बनर्जी की सीट पर क्या है आंकड़ा?

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी घमासान और तेज हो सकता है। SIR फॉर्म जमा करने की अवधि समाप्त होने के बाद चुनाव आयोग ने राज्य की मतदाता सूची से 57 लाख से अधिक नाम हटाने का आंकड़ा जारी किया है।

सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की विधानसभा सीट भवानीपुर को लेकर है, जहां से 44,787 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।


कोलकाता पोर्ट से हटे सबसे ज्यादा नाम

हटाए गए नामों के आंकड़ों में कोलकाता पोर्ट विधानसभा क्षेत्र सबसे ऊपर है।

  • कोलकाता पोर्ट: 63,730 नाम हटे
    (यहां से वरिष्ठ मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम चुनाव लड़ते हैं)

अन्य प्रमुख सीटों पर स्थिति:

  • टॉलीगंज (अरूप बिस्वास): 35,309 नाम कटे
  • नंदीग्राम (सुवेंदु अधिकारी): 10,599 नाम हटे
    (SIR से पहले कुल मतदाता: 2,78,212)

SIR में सामने आईं गंभीर विसंगतियां

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल के कार्यालय के अनुसार, गहन विश्लेषण में मतदाता सूची में कई अनियमितताएं सामने आई हैं।

  • करीब 12 लाख जनगणना प्रपत्रों में माता-पिता और बच्चों के बीच उम्र का अंतर सिर्फ 15 साल दर्ज
  • आयोग के एक अधिकारी ने सवाल उठाया कि लाखों मामलों में यह अंतर कैसे विश्वसनीय हो सकता है

जिले और विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से आंकड़े

जिलावार आंकड़ों में दक्षिण 24 परगना सबसे ऊपर रहा:

  • दक्षिण 24 परगना: 8 लाख से ज्यादा नाम हटे
    (यह इलाका TMC सांसद अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है)

विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से:

  • चौरंगी विधानसभा: 74,553 नाम हटे
    (विधायक: नयना बंद्योपाध्याय, TMC)

भाजपा विधायकों की सीटों पर कितने नाम कटे?

भाजपा के प्रमुख विधायकों की सीटों पर भी बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं:

  • आसनसोल दक्षिण (अग्निमित्रा पॉल): 39,202 नाम कटे
  • सिलीगुड़ी (शंकर घोष): 31,181 नाम हटे

चुनाव आयोग के अनुसार, नाम हटाने की प्रमुख वजहें मतदाता की मृत्यु, स्थान परिवर्तन, अनुपस्थित पाया जाना और डुप्लीकेट एंट्री हैं।


5 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में बढ़ी SIR की समयसीमा

चुनाव आयोग ने कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में SIR की समयसीमा बढ़ा दी है:

  • मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अंडमान-निकोबार: 18 दिसंबर तक
  • उत्तर प्रदेश: 26 दिसंबर तक
  • गुजरात, तमिलनाडु: 14 दिसंबर तक

हालांकि, गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में SIR की समयसीमा 11 दिसंबर को ही समाप्त हो चुकी है।

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