कांगड़ा/नई दिल्ली। दुबई एयर शो 2025 के दौरान तेजस लड़ाकू विमान दुर्घटना में शहीद हुए भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर नमांश स्याल का पार्थिव शरीर शनिवार देर रात भारत लाया गया। रविवार सुबह पार्थिव देह हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा एयरपोर्ट पहुंची, जहां वायुसेना अधिकारियों, स्थानीय लोगों और परिवारजनों ने उन्हें अश्रुपूर्ण अंतिम सम्मान दिया।
इसके बाद सैन्य वाहन के माध्यम से उनका शव अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव पटियालकर ले जाया गया। हादसा 21 नवंबर को दुबई एयर शो में हवाई प्रदर्शन के दौरान हुआ था।
वायुसेना और ग्रामीणों ने व्यक्त किया गहरा शोक
भारतीय वायुसेना ने विंग कमांडर स्याल के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
ग्रामीणों और परिजनों ने भी उनके निधन पर दुख जाहिर करते हुए कहा कि गांव ने अपना एक होनहार बेटा खो दिया।
सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा में उनके सहपाठी पंकज चड्ढा ने कहा कि स्याल स्कूल का गौरव थे।
वहीं ग्रामीण संदीप कुमार ने उन्हें “सबका छोटा भाई” बताते हुए कहा कि उनका जाना अपूरणीय क्षति है।
इस अवसर पर उनकी पत्नी विंग कमांडर अफशां अख्तर ने भी उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
श्यक्षणिक व सैन्य उत्कृष्टता का प्रतीक थे स्याल
विंग कमांडर स्याल के चाचा मदन लाल ने बताया कि वे स्कूल के दिनों से ही बेहद होनहार छात्र रहे।
ANI से बातचीत में उन्होंने कहा—
“यह देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। नमांश हमेशा पढ़ाई में अव्वल आता था और बेहद अनुशासित था।”
भारतीय वायुसेना के अनुसार, स्थानीय समयानुसार दोपहर लगभग 2:10 बजे, दुबई एयर शो के दौरान HAL तेजस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से स्याल की मौत हुई।
C-130 विमान से स्वदेश लाया गया पार्थिव शरीर
भारतीय वायुसेना ने पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ 23 नवंबर को उनका पार्थिव शरीर C-130 सुपर हरक्यूलिस विमान के जरिए तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस लाया।
इसके बाद सैन्य प्रक्रिया के तहत शरीर को कांगड़ा और फिर पैतृक गांव ले जाया गया।
वायुसेना ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की गई है।

