1 अगस्त को कॉमर्शियल सिलेंडर 209 रुपये तक हुआ था सस्ता, दिल्ली में घरेलू गैस 942 रुपये और कॉमर्शियल सिलेंडर 3,113.50 रुपये पर बरकरार
इसी महीने की शुरुआत यानी 1 अगस्त को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 209 रुपये तक की कटौती की थी। इससे पहले 1 जुलाई को भी कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 182 रुपये तक घटाए गए थे। हालांकि, आज रविवार को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कॉमर्शियल और घरेलू दोनों तरह के गैस सिलेंडर पुराने दाम पर ही बिक रहे हैं।
घरेलू सिलेंडर का क्या है रेट?
14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें प्रमुख शहरों में इस प्रकार हैं:
- नई दिल्ली: 942 रुपये
- कोलकाता: 968 रुपये
- मुंबई: 941.50 रुपये
- चेन्नई: 957.50 रुपये
- गुरुग्राम: 950.50 रुपये
- नोएडा: 939.50 रुपये
- बेंगलुरू: 915.50 रुपये
- भुवनेश्वर: 968 रुपये
- चंडीगढ़: 951.50 रुपये
- हैदराबाद: 994 रुपये
- जयपुर: 945.50 रुपये
- लखनऊ: 979.50 रुपये
- पटना: 1,031.50 रुपये
- तिरुअनंतपुरम: 951 रुपये
कॉमर्शियल सिलेंडर के क्या हैं दाम?
कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें प्रमुख शहरों में इस प्रकार हैं:
- बेंगलुरू: 3,198 रुपये
- नई दिल्ली: 3,113.50 रुपये
- मुंबई: 3,067.50 रुपये
- हैदराबाद: 3,367 रुपये
- चेन्नई: 3,283 रुपये
- कोलकाता: 3,255.50 रुपये
- गुरुग्राम: 3,130 रुपये
- नोएडा: 3,113.50 रुपये
- भुवनेश्वर: 3,290 रुपये
- चंडीगढ़: 3,136 रुपये
- जयपुर: 3,141 रुपये
- लखनऊ: 3,236 रुपये
- पटना: 3,400 रुपये
- तिरुअनंतपुरम: 3,152 रुपये
दो बार बढ़ चुके हैं घरेलू सिलेंडर के दाम
युद्ध शुरू होने के बाद घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी हो चुकी है। पहली बार मार्च में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद जून में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम फिर बढ़ाए गए और इस बार कीमत में 29 रुपये का इजाफा हुआ।
एलपीजी बुकिंग के क्या हैं नियम?
युद्ध शुरू होने के बाद सरकार ने एलपीजी बुकिंग के नियमों को सख्त किया है। सबसे पहले केवाईसी अनिवार्य की गई। ग्रामीण इलाकों में 45 दिन के अंतराल पर एलपीजी बुकिंग का नियम लागू किया गया है, जबकि शहरों में 25 दिन के अंतराल का नियम है। इससे पहले नई बुकिंग नहीं की जा सकती।
एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी भी ओटीपी आधारित कर दी गई है। बिना ओटीपी के सिलेंडर की डिलीवरी नहीं होगी। इन नियमों का उद्देश्य एलपीजी की कालाबाजारी को रोकना है।

