बांग्लादेश में शेख हसीना को मौत की सजा: ICT कोर्ट ने मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी ठहराया, देशभर में विरोध-प्रदर्शन तीव्र

Thecity news
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बांग्लादेश में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है।
न्यायमूर्ति मोहम्मद गोलाम मुर्तुजा मोजुमदार की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने 453 पन्नों का फैसला पढ़ने के बाद यह सजा सुनाई, जिसके बाद कोर्ट में तालियों की गूंज सुनाई दी।


पूर्व गृह मंत्री को भी सजा-ए-मौत, IGP को 5 साल की जेल

अदालत ने पूर्व गृह मंत्री असद-उज-जमां खान कमाल को भी हत्या के मामलों में मौत की सजा दी है।
तत्कालीन IGP चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को 5 साल की कैद हुई है।
असदुज़्ज़मान फरार है जबकि मामून हिरासत में है और सरकारी गवाह बन चुका है।


छात्रों की मौत, रिपोर्ट बदलवाने और फायरिंग के आदेश जैसे गंभीर आरोप

ICT ने कहा कि हसीना के खिलाफ लगे आरोप “ठोस साक्ष्यों” से साबित होते हैं।
कोर्ट के अनुसार—

  • हसीना सरकार ने एक डॉक्टर पर दबाव डालकर छात्र कार्यकर्ता अबू सईद की पोस्टमार्टम रिपोर्ट 4–5 बार बदलवाई
  • 16 जुलाई की गोलीबारी में अबू सईद की मौत के बाद देशव्यापी छात्र आंदोलन भड़का
  • प्रदर्शनकारी छात्रों की हत्या और शव जलाने की साजिश रची गई

अदालत ने हसीना को इन घटनाओं की “मास्टरमाइंड” बताया।


हसीना पर कुल 5 गंभीर आरोप तय

  1. हत्या, हत्या का प्रयास और यातना
  2. प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए घातक हथियार, हेलीकॉप्टर और ड्रोन इस्तेमाल करने का आदेश
  3. 16 जुलाई को अबू सईद की हत्या में भूमिका
  4. 5 अगस्त को चंखरपुल में 6 निहत्थे प्रदर्शनकारियों की हत्या की साजिश
  5. 5 प्रदर्शनकारियों की हत्या कर उन्हें जिंदा जलाने का आदेश

फैसले से पहले समर्थकों को संबोधन, ICT को ‘कंगारू कोर्ट’ कहा

फैसले से कुछ घंटे पहले शेख हसीना ने आवामी लीग के फेसबुक पेज पर संदेश जारी कर ICT को “कंगारू अदालत” बताया और अंतरिम सरकार के खिलाफ विरोध की अपील की।
उन्होंने प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस को “अतिक्रमणकारी” कहा और कहा कि—
“मुख्य अभियोजक के सभी आरोप झूठे हैं… लोग इन सूदखोरों और उग्रवादियों को परास्त करेंगे।”


ढाका में तनाव: हसीना के घर के बाहर बुलडोजर लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारी

ढाका के धानमंडी स्थित हसीना के आवास के बाहर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए।
कुछ लोग बुलडोजर लेकर पहुंचे और घर गिराने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
ढाका सहित कई शहरों में स्थिति तनावपूर्ण है।

हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने पहले ही आशंका जताई थी कि ICT उन्हें मौत की सजा सुना सकता है।


पीड़ित छात्रों को मिलेगा मुआवजा

ICT ने जुलाई–अगस्त 2024 के प्रदर्शनों में मारे गए छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का आदेश भी दिया है।
कोर्ट ने हसीना और पूर्व गृह मंत्री को भगोड़ा घोषित कर दिया है।

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