दिल्ली के 18 इलाकों में AQI 400 के पार, GRAP का तीसरा चरण लागू

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दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण फिर बढ़ गया है। 18 इलाकों में AQI 400 के पार पहुंचने के बाद GRAP-3 लागू किया गया। जानें पाबंदियां, NCR का हाल और प्रदूषण की वजहें।

दिल्ली के 18 इलाकों में AQI 400 के पार, GRAP-3 लागू

दिल्ली में एक बार फिर हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। शनिवार सुबह 7 बजे राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 390 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है और ‘गंभीर’ स्तर के बेहद करीब है। हालात बिगड़ते देख तत्काल प्रभाव से GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) का तीसरा चरण लागू कर दिया गया है।

घने कोहरे और धुंध के चलते राजधानी के कई इलाकों में दृश्यता भी काफी कम हो गई है। इसे देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट की ओर से यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।


18 इलाकों में AQI 400 के पार

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शनिवार सुबह 8 बजे दिल्ली-NCR का समग्र AQI 400 के पार पहुंच गया, जो एक दिन पहले शाम 4 बजे करीब 350 था।

दिल्ली के जिन इलाकों में AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया, उनमें शामिल हैं:

  • वजीरपुर: 445
  • जहांगीरपुरी, विवेक विहार: 442
  • रोहिणी, आनंद विहार: 436
  • नरेला: 431
  • बवाना: 428
  • मुंडका: 426
  • चांदनी चौक: 419

इसके अलावा नेहरू नगर, पटपड़गंज, ITO, पंजाबी बाग, गाजीपुर, आरके पुरम, बुराड़ी क्रॉसिंग, दिल्ली विश्वविद्यालय का उत्तरी परिसर, अशोक विहार, सोनिया विहार और DTU में भी AQI 400 से अधिक दर्ज किया गया।


GRAP-3 के तहत लागू पाबंदियां

GRAP के तीसरे चरण में कई सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं:

  • BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों के दिल्ली-NCR में चलने पर रोक
  • पूरे NCR में निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर प्रतिबंध
  • खनन गतिविधियों पर रोक
  • गैर-इलेक्ट्रिक, CNG और BS-VI डीजल अंतरराज्यीय बसों के प्रवेश पर प्रतिबंध
  • ईंट-भट्ठे और स्टोन क्रशर बंद
  • डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक
  • औद्योगिक स्तर पर वेल्डिंग और गैस-कटिंग कार्यों पर रोक

NCR के अन्य इलाकों का हाल

दिल्ली से सटे NCR क्षेत्रों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है।

  • गाजियाबाद: AQI 422 (गंभीर)
  • नोएडा: AQI 422 (गंभीर)
  • गुरुग्राम: AQI 295 (खराब)
  • फरीदाबाद: AQI 208 (खराब)

किन वजहों से बढ़ा प्रदूषण?

वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली (DSS) के अनुसार, प्रदूषण बढ़ने की प्रमुख वजहें ये रहीं:

  • वाहन उत्सर्जन: 16.5%
  • निर्माण कार्य: 2.2%
  • कचरा जलाना: 1.4%

इसी बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने प्रदूषण से निपटने की रणनीति तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ पैनल गठित करने की घोषणा की है। इस पैनल का नेतृत्व IIT मद्रास के प्रोफेसर अशोक झुनझुनवाला करेंगे, जिसमें स्वास्थ्य विशेषज्ञ और शिक्षाविद शामिल होंगे।


11 दिसंबर से फिर बिगड़ने लगी स्थिति

लगातार नौ दिनों तक ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रहने के बाद 9 दिसंबर को दिल्ली का औसत AQI घटकर 282 पर आ गया था। 10 दिसंबर को यह और सुधरकर 259 पहुंचा।

हालांकि, 11 दिसंबर से हालात फिर बिगड़ने लगे। AQI बढ़कर 307, फिर 12 दिसंबर को 349 और अब 13 दिसंबर को कई इलाकों में 400 के पार पहुंच गया।

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