केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र में 1.5 लाख करोड़ रुपये की सड़क निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। जानें पुणे-संभाजीनगर एक्सप्रेसवे, एलिवेटेड रोड और अन्य बड़ी योजनाएं।
नितिन गडकरी की महाराष्ट्र को सौगात, 1.5 लाख करोड़ की परियोजनाएं मंजूर
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के लिए बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़ी घोषणा की है। राज्य में सड़क निर्माण और विस्तार से जुड़ी 1.5 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
यह घोषणा शनिवार को मुंबई के विधान भवन में आयोजित विधानसभा परिषद के शताब्दी समारोह के दौरान की गई। गडकरी ने बताया कि ये सभी परियोजनाएं राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम के तहत चलाई जाएंगी और अगले 3 महीनों के भीतर इन पर काम शुरू हो जाएगा।
पुणे-संभाजीनगर एक्सप्रेसवे को हरी झंडी
प्रमुख परियोजनाओं में पुणे–छत्रपति संभाजीनगर एक्सप्रेसवे का निर्माण शामिल है।
- अनुमानित लागत: 16,318 करोड़ रुपये
- निर्माण एजेंसी: महाराष्ट्र राज्य अवसंरचना विकास निगम (MSIDC)
- परियोजना के लिए MOU पर हस्ताक्षर हो चुके हैं
इस एक्सप्रेसवे के बनने से:
- पुणे से छत्रपति संभाजीनगर का सफर 2 घंटे में पूरा होगा
- संभाजीनगर से नागपुर की दूरी ढाई घंटे में तय की जा सकेगी
पुणे में एलिवेटेड रोड और अन्य योजनाएं
गडकरी ने बताया कि तलेगांव–चाकन–शिकरापुर एलिवेटेड रोड का निर्माण भी जल्द शुरू होगा।
- अनुमानित लागत: 4,207 करोड़ रुपये
- स्थानीय निकाय चुनावों के बाद भूमि पूजन किया जाएगा
इसके अलावा हडपसर–यावत एलिवेटेड रोड के लिए DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार की जा रही है। चुनावों के बाद इस परियोजना पर भी काम शुरू होने की उम्मीद है।
पुणे क्षेत्र के लिए 50,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी
नितिन गडकरी ने घोषणा की कि पुणे क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्यों के लिए 50,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसके तहत:
- अगले 3 महीनों में निर्माण कार्य शुरू होगा
- पुणे–मुंबई मार्ग के समानांतर एक नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा
इस नए एक्सप्रेसवे की:
- अनुमानित लागत: 15,000 करोड़ रुपये
- पुणे से मुंबई का सफर घटकर डेढ़ घंटे का रह जाएगा
इससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
राज्य के विकास को मिलेगी रफ्तार
इन परियोजनाओं के पूरा होने से महाराष्ट्र में सड़क नेटवर्क मजबूत होगा, यात्रा का समय कम होगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। केंद्र सरकार की यह पहल राज्य के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

