चुनाव आयोग ने SIR के बाद पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा, लक्षद्वीप और पुडुचेरी की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की। 1 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम कटे, जानिए वजह और नाम जुड़वाने का तरीका।
क्या है खबर?
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। नई सूची में इन राज्यों के 1 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम काटे गए हैं।
पुरानी मतदाता सूची में इन राज्यों में कुल 13.35 करोड़ मतदाता थे, जो अब घटकर 12.33 करोड़ रह गए हैं। यानी कुल मतदाताओं का करीब 7.6 प्रतिशत नाम सूची से हटाया गया है।
किन राज्यों में कितने नाम कटे?
ड्राफ्ट सूची के अनुसार, सबसे ज्यादा नाम पश्चिम बंगाल में हटाए गए हैं। राज्यवार आंकड़े इस प्रकार हैं:
- पश्चिम बंगाल: 58.20 लाख
- राजस्थान: 41.85 लाख
- पुडुचेरी: 85,000 से ज्यादा
- गोवा: 1.01 लाख
- लक्षद्वीप: 1,616
हालांकि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह ड्राफ्ट सूची है और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची जारी होगी।
राजस्थान में क्यों कटे 41.85 लाख नाम?
राजस्थान में मतदाता सूची से हटाए गए 41.85 लाख नाम राज्य के कुल मतदाताओं का 7.66 प्रतिशत हैं।
कारण इस प्रकार हैं:
- 8.75 लाख मृत मतदाता
- 29.6 लाख अन्य स्थानों पर चले गए या अनुपस्थित
- 3.44 लाख डुप्लीकेट मतदाता
इसके अलावा, राज्य के 11 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे, जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई है।
पश्चिम बंगाल में नाम हटने की वजह
पश्चिम बंगाल में हटाए गए 58.20 लाख नामों के पीछे ये कारण बताए गए हैं:
- 24.16 लाख मृत
- 19.88 लाख अन्य स्थानों पर स्थानांतरित
- 12.20 लाख लापता
- 1.38 लाख डुप्लीकेट
- 57,604 अन्य कारण
सबसे ज्यादा नाम कोलकाता के चौरंगी (74,553) और कोलकाता पोर्ट (63,730) विधानसभा क्षेत्रों से हटाए गए हैं।
गोवा, पुडुचेरी और लक्षद्वीप की स्थिति
- गोवा: 1 लाख से ज्यादा नाम हटे, जिनमें मृत, लापता, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाता शामिल
- पुडुचेरी: 1.03 लाख से ज्यादा नाम हटने के बाद कुल मतदाता 9.18 लाख रह गए
- लक्षद्वीप: मतदाता संख्या 58,000 से घटकर 56,384 हो गई
अगर आपका नाम कट गया है तो क्या करें?
अगर ड्राफ्ट मतदाता सूची में आपका नाम नहीं है, तो आप फॉर्म-6 भरकर दोबारा नाम जुड़वा सकते हैं।
फॉर्म कहां मिलेगा?
- बूथ लेवल अधिकारी (BLO)
- तहसील या SDM कार्यालय
- चुनाव आयोग कार्यालय
- ऑनलाइन पोर्टल
जरूरी दस्तावेज:
- आधार कार्ड / पैन कार्ड / पासपोर्ट
- राशन कार्ड / बिजली बिल / बैंक पासबुक
- जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट
आप फॉर्म BLO को जमा कर सकते हैं या ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया 15 जनवरी 2026 तक चलेगी।
निष्कर्ष
ड्राफ्ट मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटने से राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। हालांकि चुनाव आयोग ने साफ किया है कि यह शुरुआती सूची है और पात्र मतदाता तय समय के भीतर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।

