महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने EV से टोल वसूली को अवैध बताया और मुंबई–पुणे, समृद्धि एक्सप्रेसवे पर 8 दिनों में छूट प्रणाली लागू करने का आदेश दिया। सरकार ने निर्देश मानने की बात कही।
महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने बुधवार को स्पष्ट किया कि मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे और समृद्धि एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) से टोल वसूली पूरी तरह ‘अवैध’ है। उन्होंने राज्य सरकार को 8 दिनों के भीतर टोल छूट प्रणाली लागू करने का सख्त निर्देश दिया है।
मुंबई–पुणे और समृद्धि एक्सप्रेसवे पर EV टोल वसूली पर सवाल
विधानसभा में उठे सवालों के जवाब में मंत्री दादा भुसे ने माना कि EV नीति के लागू होने के बावजूद कुछ इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं से टोल वसूली की गई थी, जबकि यह पूरी तरह प्रतिबंधित है।
सरकार के अनुसार:
- EV नीति की घोषणा: 23 मई 2025
- लागू: 22 अगस्त 2025
- छूट लागू करने के लिए: FASTag विवरण को परिवहन पोर्टल से जोड़ना आवश्यक
लेकिन इस प्रक्रिया में देरी के कारण कई EV मालिकों से टोल कटौती होती रही।
नार्वेकर का कड़ा हस्तक्षेप: “एक भी वाहन से टोल वसूला गया तो अवैध”
प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सरकार से जवाब मांगते हुए कहा:
“नीति लागू हो चुकी है, इसलिए किसी भी एक इलेक्ट्रिक वाहन से भी यदि टोल वसूला जा रहा है, तो यह अवैध है।”
उन्होंने मंत्री भुसे को निर्देश दिया कि:
- 8 दिनों के भीतर EV टोल छूट प्रणाली पूरी तरह लागू हो
- जिन EV मालिकों से टोल लिया गया है, उनकी राशि वापस की जाए
- टोल सिस्टम और परिवहन पोर्टल का एकीकरण तेजी से पूरा किया जाए
सरकार तैयार — भुसे बोले: “निर्देशों का पालन करेंगे”
मंत्री दादा भुसे ने आश्वासन दिया कि सरकार विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशों का पालन करेगी और EV मालिकों को बिना बाधा टोल छूट देने की प्रक्रिया तेज करेगी।
उन्होंने कहा कि टोल छूट लागू करने की तकनीकी प्रक्रिया तीन महीने पहले शुरू हुई थी और अब इसे प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- EV से टोल वसूली को विधानसभा अध्यक्ष ने अवैध बताया
- 8 दिनों के भीतर पूरी छूट प्रणाली लागू करने का आदेश
- मुंबई–पुणे, समृद्धि एक्सप्रेसवे और अटल सेतु पर होगा प्रभाव
- टोल कटने वाले EV मालिकों को रिफंड की व्यवस्था भी बनेगी
- सरकार ने नीति लागू करने का भरोसा दिया

