गोवा के अरपोरा नाइट क्लब में लगी आग में 25 लोगों की मौत के बाद क्लब मालिक गौरव और सौरभ लूथरा थाईलैंड भाग गए। पुलिस ने इंटरपोल से संपर्क किया, प्रत्यर्पण संधि के तहत गिरफ्तारी संभव।
क्या है पूरा मामला?
गोवा के अरपोरा स्थित बर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में शनिवार रात लगी भीषण आग के बाद क्लब के मालिक गौरव और सौरभ लूथरा देश छोड़कर भाग गए हैं।
दोनों भाइयों ने घटना के 5 घंटे बाद मुंबई एयरपोर्ट से थाईलैंड के फुकेत के लिए इंडिगो की उड़ान पकड़ी और भारत से बाहर चले गए।
गोवा पुलिस को इसकी जानकारी तब मिली, जब वे दिल्ली में उनकी तलाश करने पहुंचे।
लुकआउट सर्कुलर जारी होने से पहले देश से फरार
पुलिस जब उनके दिल्ली स्थित घर पहुंची, तो दोनों मौजूद नहीं थे। घर पर नोटिस चस्पा करने के बाद, पुलिस ने आव्रजन ब्यूरो से लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कराया।
लेकिन आरोपी भाई LOC जारी होने से पहले ही देश छोड़ चुके थे।
मुंबई एयरपोर्ट से जानकारी मिली कि वे रविवार सुबह 5:30 बजे थाईलैंड के लिए उड़ान भर चुके थे।
इंडिगो संकट के बीच कैसे भागने में सफल रहे?
दोनों आरोपी इंडिगो की फ्लाइट 6E-1073 से थाईलैंड गए।
इंडिगो के हालिया परिचालन संकट में जहां दर्जनों घरेलू उड़ानें रद्द हुईं, वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर नहीं पड़ा, जिससे दोनों को भागने का मौका मिल गया।
पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए CBI के इंटरपोल डिवीजन से संपर्क किया है।
क्या थाईलैंड भागने से बच जाएंगे आरोपी?
जानकारों के अनुसार लूथरा बंधु यदि थाईलैंड में छिपे रहते हैं, तो गिरफ्तारी में देरी हो सकती है, लेकिन बचना लगभग असंभव है।
भारत और थाईलैंड के बीच प्रत्यर्पण संधि (Extradition Treaty) 2015 से लागू है।
थाईलैंड पहले भी कई भारतीय अपराधियों को भारत को सौंप चुका है।
गिरफ्तारी के बाद भारत को 45–60 दिनों के भीतर आरोपपत्र और सबूतों के साथ पूरा अनुरोध भेजना होता है।
अगर थाईलैंड से किसी अन्य देश भागे तो?
यदि दोनों आरोपी थाईलैंड से ऐसे देशों में चले जाते हैं जहां भारत की प्रत्यर्पण संधि नहीं है, खासकर अफ्रीकी देशों में, तो उनकी गिरफ्तारी मुश्किल हो सकती है।
फिलहाल गोवा पुलिस ने खोज और अंतरराष्ट्रीय समन्वय तेज कर दिया है।
नाइट क्लब हादसा: 25 लोगों की मौत
नाइट क्लब में शनिवार-रविवार की रात आतिशबाजी के कारण भयानक आग लगी थी।
आग में 25 लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए।
जांच में सामने आया कि क्लब में अवैध निर्माण, संकरे रास्ते और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।
आरोपियों पर गैर-इरादतन हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज है।
गोवा सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख, और घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।

