गुजरात के कच्छ जिले में आज तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे कुछ देर के लिए लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
सुबह 4:30 बजे महसूस हुए झटके
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप सुबह करीब 4:30 बजे आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई।
भूकंप का केंद्र राजकोट के पास, कच्छ से लगभग 160 किलोमीटर दूर स्थित था, जबकि इसकी गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे बताई गई है।
एनसीएस के मुताबिक भूकंप का केंद्र 23.65° N अक्षांश और 70.23° E देशांतर पर था। भूकंप की गहराई कम होने के कारण झटके आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए।
प्रशासन अलर्ट, स्थिति सामान्य
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं। फिलहाल किसी भी तरह की क्षति या हताहत की सूचना नहीं है और स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है।
🟠 भूकंप आने पर क्या करें और क्या न करें
🔹 भूकंप से पहले
- घर को भूकंपरोधी बनाने के लिए स्ट्रक्चरल इंजीनियर से सलाह लें
- दीवारों और छत की दरारों की समय पर मरम्मत कराएं
- भारी सामान निचले शेल्फ पर रखें
- आपातकालीन किट तैयार रखें
- परिवार के साथ आपदा प्रबंधन योजना बनाएं
- ‘झुको, ढको और पकड़ो’ तकनीक का अभ्यास करें
🔹 भूकंप के दौरान
- घबराएं नहीं, शांत रहें
- मजबूत टेबल के नीचे जाएं और सिर ढकें
- लिफ्ट का उपयोग न करें
- बाहर निकलने पर बिजली के खंभों और इमारतों से दूर रहें
- वाहन में हों तो गाड़ी रोककर अंदर ही रहें
🔹 भूकंप के बाद
- क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करें
- सीढ़ियों का उपयोग करें, लिफ्ट से बचें
🔹 अगर मलबे में फंस जाएं
- आग या माचिस न जलाएं
- मुंह को कपड़े से ढक लें
- दीवार या पाइप पर हल्की आवाज करें
- सीटी बजाकर मदद बुलाएं
- बहुत जरूरी हो तभी चिल्लाएं
🔙 26 जनवरी 2001 का विनाशकारी भूकंप
गुजरात के कच्छ में 26 जनवरी 2001 को आया भूकंप अब तक का सबसे विनाशकारी भूकंप माना जाता है।
इसकी तीव्रता 6.9 रिक्टर स्केल थी, जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई और बड़े पैमाने पर इमारतें तबाह हो गई थीं। इसके बाद वर्षों तक राहत और पुनर्निर्माण कार्य चलते रहे।

