Maharashtra Assembly Session: शीतकालीन अधिवेशन से पहले सरकार का विपक्ष पर हमला, 18 विधेयक होंगे पेश

Thecity news
2 Min Read

महाराष्ट्र शीतकालीन अधिवेशन से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक से पहले अपनी चाय पार्टी बहिष्कार करने को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा निशाना साधा है। सरकार ने विपक्षी दलों की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस को “निराशाजनक और सिर्फ मुद्दों पर परेशानियां व्यक्त करने वाला” बताया।

मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि “विपक्ष के पास न दिशा है और न ही मुद्दों को उठाने की इच्छाशक्ति।” सरकार ने बाढ़ प्रभावित किसानों को दी गई सहायता की जानकारी भी साझा की। शीत सत्र में सरकार 18 विधेयकों को सदन में पेश करेगी।


🔹 अधिवेशन और विकास पर फोकस

फडणवीस ने बताया कि नागपुर में होने वाले शीतकालीन सत्र के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा:

  • किसान, सिंचाई, स्वास्थ्य और बेरोजगारी पर चर्चा के लिए सरकार तैयार
  • छोटा अधिवेशन होने के कारण शनिवार–रविवार को भी काम
  • नागपुर अधिवेशन में सामान्य से दोगुना काम
  • सुबह जल्दी से देर रात तक चलेगी कार्यवाही

सरकार का कहना है कि इस बार का अधिवेशन विशेष रूप से विदर्भ और मराठवाड़ा के मुद्दों के समाधान पर केंद्रित होगा।


🔹 कल्याणकारी योजनाओं पर सरकार का दावा

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि:

  • “हमारा पैर एक्सीलरेटर पर है, विपक्ष स्पीडब्रेकर डालने वाले हैं।”
  • महायुति सरकार ने डेढ़ साल में कई लोकाभिमुख योजनाएं शुरू कीं
  • महाराष्ट्र देश में GDP, स्टार्टअप और विदेशी निवेश में नंबर 1

🔹 विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास का आरोप

फडणवीस ने विपक्ष को संविधानिक संस्थाओं पर अविश्वास रखने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि:

  • विपक्ष न्यायालय, चुनाव आयोग, RBI और विधानमंडल — किसी पर भी भरोसा नहीं करता
  • एलओपी (Leader of Opposition) के पद का निर्णय अध्यक्ष और सभापति का विशेषाधिकार है
  • विपक्ष को “सीढ़ियों पर स्टंट” करने के बजाय सदन में सवाल उठाने चाहिए
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *