महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के सांसद और प्रवक्ता संजय राऊत ने दावा किया है कि यदि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भविष्य में केंद्र की राजनीति में जाते हैं तो राज्य की कमान भाजपा के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को सौंपी जा सकती है।
संजय राऊत ने कहा कि चंद्रशेखर बावनकुले विदर्भ के ऐसे नेता हैं, जिनके सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अच्छे संबंध हैं और वे सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता रखते हैं। उनके मुताबिक, यही वजह है कि भाजपा भविष्य में उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दे सकती है। वहीं, उन्होंने कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन को लेकर कहा कि उनका राजनीतिक रिकॉर्ड मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त नहीं माना जाएगा।
राऊत ने यह भी दावा किया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दोबारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। उनके अनुसार, यदि भविष्य में नेतृत्व परिवर्तन होता है तो अगला मुख्यमंत्री भाजपा का ही नेता होगा।
मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाओं पर खुद देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह अभी दो दिन पहले ही दिल्ली से लौटे हैं। उनके इस बयान को मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों पर जवाब माना जा रहा है।
वहीं, हाल ही में शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हुए विधायक बच्चू कडू ने कहा कि यदि देवेंद्र फडणवीस केंद्र की राजनीति में जाते हैं तो मुख्यमंत्री पद के लिए एकनाथ शिंदे सबसे योग्य नेता हैं। उन्होंने कहा कि हर कोई चाहता है कि महाराष्ट्र का कोई नेता राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी निभाए और ऐसी स्थिति में राज्य की कमान शिंदे को मिलनी चाहिए।
बच्चू कडू के इस बयान पर भाजपा विधायक प्रवीण दरेकर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिंदे गुट के विधायकों को इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए। दरेकर ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास कार्यों को गति दे रही है। ऐसे में फडणवीस के दिल्ली जाने या नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं का कोई आधार नहीं है।

