कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को तत्काल रोकने की मांग की है। उन्होंने इसे “बिना योजना और अधिकारियों पर थोपे गए खतरनाक कदम” बताया है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को एक्स (Twitter) पर अपना पत्र साझा करते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया ऐसे समय हो रही है जब अधिकारी अत्यधिक काम के दबाव में हैं और किसानों के लिए यह कृषि सीजन का महत्वपूर्ण समय है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में क्या लिखा?
ममता बनर्जी ने लिखा कि वह कई बार SIR को लेकर अपनी चिंताएं जता चुकी हैं, लेकिन अब मजबूर होकर यह पत्र लिखना पड़ा है क्योंकि स्थिति बेहद गंभीर हो गई है।
उन्होंने कहा—
“SIR बिना किसी योजना के अधिकारियों और नागरिकों पर थोपा जा रहा है, जो खतरनाक है। BLO को इतने बड़े काम के लिए आवश्यक ट्रेनिंग, सपोर्ट और समय नहीं मिला। काम का बोझ, कम समय और तकनीकी सहायता की कमी से पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता खतरे में है।”
अत्यधिक काम के दबाव में हैं BLO — ममता
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में बताया कि BLO (Booth Level Officers) इंसानी क्षमता से ज्यादा काम कर रहे हैं और कम समय में ऑनलाइन डेटा अपलोड करने के दबाव में गलत या अधूरी जानकारी अपलोड होने का खतरा बढ़ गया है।
उन्होंने आरोप लगाया—
- BLO पर 4 दिसंबर तक डेटा अपलोड करने का दबाव
- पर्याप्त समय एवं तकनीकी प्रशिक्षण की कमी
- चुनाव आयोग के अधिकारी BLO को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं
- अत्यधिक दबाव से जलपाईगुड़ी (माल) में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (BLO) ने आत्महत्या कर ली
SIR को तुरंत बंद करने का अनुरोध
ममता बनर्जी ने अपने पत्र में लिखा कि यह समय धान की कटाई और आलू बोने का होता है, ऐसे में किसान अपने खेत छोड़कर SIR प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकते।
उन्होंने चेतावनी दी कि—
“जबरदस्ती इस प्रक्रिया को जारी रखने से लोगों की जान को खतरा है और चुनाव सुधार की वैधता भी प्रभावित हो सकती है।”
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग से इस प्रक्रिया में अनावश्यक दखल बंद करने, सही ट्रेनिंग देने और SIR को अभी रोकने की अपील की।

