मुंबई पुलिस ने जोगेश्वरी में चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया। अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मास्टरमाइंड की तलाश मुंबई, गुजरात और दिल्ली में जारी।
Mumbai में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 8 गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने जोगेश्वरी (पश्चिम) के अंबोली क्षेत्र में चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। इस छापेमारी में 8 आरोपी गिरफ्तार किए गए, जबकि रैकेट का मास्टरमाइंड अभी फरार है।
साल 2025 में मुंबई पुलिस, मुंबई क्राइम ब्रांच और गुजरात पुलिस ने शहर में कई बड़े रैकेट्स का भंडाफोड़ किया है। जनवरी से दिसंबर तक फर्जी लोन, स्टॉक ट्रेडिंग, एक्सपोर्ट स्कैम और नकली दवाइयों के जरिए अमेरिकी और कनाडाई नागरिकों से अरबों रुपये की ठगी की गई।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
क्राइम ब्रांच यूनिट-9 ने टीम ग्रेड 9 सिक्योरिटी सर्विसेज एलएलपी नामक लग्जरी ऑफिस में देर रात छापेमारी की। आरोपियों के पास से बरामद सामग्री में शामिल हैं:
- 35 लैपटॉप
- 40 हेडसेट
- 15 हार्ड ड्राइव
- दर्जनों पेन ड्राइव
- अमेरिकी नागरिकों का निजी डेटा (नाम, फोन, पता, मेडिकल हिस्ट्री)
- लग्जरी कारें
शुरुआती जांच में पता चला है कि इस सेंटर से अब तक 15-20 करोड़ रुपये की ठगी हो चुकी है।
कैसे करते थे ठगी?
आरोपी अमेरिकी लहजे में अंग्रेजी बोलकर पीड़ितों को फोन करते थे। वे डराते थे कि उनकी कंप्यूटर सिक्योरिटी हैक हो गई है या सस्ती दवाइयों की जरूरत है।
- वियाग्रा, सियालिस जैसी महंगी दवाओं पर 170-180% तक डिस्काउंट का लालच देकर क्रेडिट कार्ड की पूरी जानकारी लेते थे।
- नकली या मिलावटी दवाइयां भेजते थे।
- एक ही व्यक्ति से बार-बार हजारों डॉलर ठगते थे।
मास्टरमाइंड अभी फरार
रैकेट का मुख्य सरगना अभी फरार है। उसकी तलाश मुंबई, गुजरात और दिल्ली में जारी है।
मुंबई पुलिस की छापेमारी और कार्रवाई से यह गिरोह अब अस्थायी रूप से बेकाबू नहीं रह पाएगा, लेकिन मास्टरमाइंड पकड़ने के लिए व्यापक जांच जारी है।
रिपोर्ट: अपूर्वा नायक, मुंबई

