
मुंबई — शहर की सुरक्षा और कानून–व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मुंबई पुलिस ने सभी पुलिस स्टेशनों में तैनात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस/ATS) को अलर्ट मोड पर रखा है। गृह विभाग और पुलिस के निर्देश के बाद सूचनाओं के आधार पर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाये जा रहे हैं और संवेदनशील इलाकों की सघन निगरानी तेज कर दी गई है।
क्या कदम उठाए गए हैं?
- सभी थानों में एटीएस को अलर्ट पर तैनात किया गया है; स्लीपर सेल और संदिग्ध गतिविधियों की तलाश तेज होगी।
- देर रात कॉम्बिंग ऑपरेशन व सघन पाट्रोलिंग जारी है; मुस्लिम इलाकों तक जांच एजेंसियों का रुख किया जा रहा है, सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है।
- मुंबई यातायात पुलिस को भारी सामान वाले वाहनों और लम्बे समय तक खड़ी गाड़ियों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
- गาร์डन, मॉल, पेट्री-भाड़ वाले इलाके व सुनसान स्थानों में अतिरिक्त पेट्रोलिंग की जा रही है।
- नाकाबंदी कर वाहन व चालकों की तलाशी; चोरी या जाली कागजात चेक किए जा रहे हैं।
ड्रोन और हवाई गतिविधियों पर रोक (7 नवम्बर — 6 दिसम्बर)
पिछले कुछ दिनों में जारी परिपत्रों के अनुसार 7 नवम्बर से 6 दिसम्बर तक 30 दिनों के लिए शहर में निम्न हस्तगतियों पर प्रतिबंध रहेगा:
- ड्रोन, रिमोट-नियंत्रित माइक्रो-लाइट विमान, पैराग्लाइडर, पैरामोटर, हैंड ग्लाइडर, हॉट एयर बैलून आदि।
यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि संभावित आतंकी तत्व इन साधनों का इस्तेमाल वीवीआईपी ट्रैकिंग, जन-हानी या सार्वजनिक संपत्ति के क्षरण के उद्देश्य के लिए कर सकते हैं। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का ऐलान और नागरिकों से अपील
मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने कहा: “मुंबई वासियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। हेल्पलाइन 100 या 112 पर कॉल करें।”
गृह विभाग ने भी राज्य और मुंबई पुलिस की सभी इकाइयों को अपराध व खुफिया समीक्षा में शामिल किया है ताकि असामाजिक तत्वों पर निगाह रखी जा सके।
किस तरह की सावधानियां रखें (पब्लिक एडवाइस)
- भीड़भाड़ वाले स्थानों में सतर्क रहें; संदिग्ध सामान देखे तो पास न जाएं और पुलिस को सूचना दें।
- यदि आपकी कार लंबी अवधि के लिए किसी सार्वजनिक जगह पर खड़ी है तो उसकी पहचान व कागजात साथ रखें।
- ड्रोन या उड़ान गतिविधि नजर आए तो 100/112 पर रिपोर्ट करें — स्वयं हस्तक्षेप न करें।
असर व निष्कर्ष
मुंबई पुलिस की यह तैयारी शहर को सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सख्त निगरानी और ड्रोन पर अस्थायी रोक से वीवीआईपी व आम जन सुरक्षा दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, वहीं जांच–पड़ताल से रहकर चलने वाले नागरिकों को असुविधा भी हो सकती है।

