Mumbai Youth Congress Protest: फलटण की महिला डॉक्टर आत्महत्या मामले में SIT जांच की मांग, 200 से अधिक कार्यकर्ता हिरासत में

Thecity news
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मुंबई: फलटण में महिला डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग को लेकर मुंबई युवा कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ की ओर मार्च किया, जहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया और 200 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।


📍 तीन जगहों पर हुआ विरोध प्रदर्शन

मुंबई युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को तीन अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किया —

  1. नरीमन प्वाइंट
  2. मरीन ड्राइव
  3. मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ के बाहर

इस विरोध का नेतृत्व मुंबई युवा कांग्रेस प्रमुख जीनत शबरीनराष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब, और प्रदेश प्रवक्ता सचिन सावंत ने किया।


🚓 200 से ज्यादा कार्यकर्ता हिरासत में

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को आज़ाद मैदान पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मालाबार हिल और गिरगांव क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।


🎙️ सचिन सावंत बोले – “डॉक्टर को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता”

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने मीडिया से कहा,

“हम इस आत्महत्या मामले में SIT जांच की मांग कर रहे हैं। यह केवल एक जांच नहीं, बल्कि मृतक डॉक्टर को न्याय दिलाने का संघर्ष है, जिसे कांग्रेस लगातार जारी रखेगी।”


🕯️ आत्महत्या का मामला: हथेली पर लिखा सुसाइड नोट

यह मामला सतारा जिले से जुड़ा है।
बीड की रहने वाली 28 वर्षीय महिला डॉक्टर, जो सतारा जिले के सरकारी अस्पताल में तैनात थीं, 23 अक्टूबर को फलटण कस्बे के एक होटल के कमरे में फंदे से लटकी पाई गईं
उनकी हथेली पर लिखे सुसाइड नोट में दो लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए —

  • पुलिस उप-निरीक्षक (SI) गोपाल बदाने
  • सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बनकर

⚖️ गंभीर आरोपों के बाद कार्रवाई

डॉक्टर के सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
साथ ही, विभागीय जांच के बाद SI गोपाल बदाने को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।


🕵️ कांग्रेस की मांग – निष्पक्ष जांच के लिए SIT जरूरी

कांग्रेस का कहना है कि चूंकि यह मामला पुलिस अधिकारी से जुड़ा है, इसलिए स्थानीय जांच पर संदेह उठता है।
पार्टी ने कहा कि केवल स्वतंत्र SIT जांच ही डॉक्टर के परिवार को सच्चा न्याय दिला सकती है।

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