
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 और 12 नवंबर को भूटान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य भारत-भूटान के विशेष मित्रतापूर्ण संबंधों को और सुदृढ़ करना है।
⚡ पुनात्सांगछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना का उद्घाटन
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 1,020 मेगावॉट क्षमता वाली पुनात्सांगछू जलविद्युत परियोजना (Punatsangchhu Hydroelectric Project) का उद्घाटन करेंगे।
यह परियोजना भारत सरकार और भूटान की शाही सरकार के संयुक्त सहयोग से बनाई गई है और दोनों देशों के ऊर्जा सहयोग का एक नया अध्याय मानी जा रही है।
🕉️ भगवान बुद्ध के अवशेषों की पूजा और वैश्विक शांति प्रार्थना
प्रधानमंत्री मोदी थिम्पू के ताशिछोद्जोंग में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की पूजा-अर्चना करेंगे। वे भूटान सरकार द्वारा आयोजित वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव में भी शामिल होंगे।
इस दौरान वे भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मुलाकात करेंगे।
👑 राजकीय समारोह में शामिल होंगे प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी भूटान के चौथे नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक की 70वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष समारोह में भी भाग लेंगे।
यह अवसर भारत और भूटान के सांस्कृतिक व ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करने वाला होगा।
🏅 भूटान ने दिया था मोदी को सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष भी भूटान का दौरा किया था। उस समय भूटान नरेश ने उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ ड्रूक ग्यालपो’ (Order of Druk Gyalpo) से सम्मानित किया था।
प्रधानमंत्री ने कहा था,
“भारत और भूटान साझा आध्यात्मिक विरासत के धागों से जुड़े हैं। भारत भगवान बुद्ध की भूमि है और भूटान ने उनकी शिक्षाओं को आत्मसात कर उन्हें जीवंत बनाए रखा है।”
🔍 चौथा भूटान दौरा
2014 के बाद से प्रधानमंत्री मोदी की यह भूटान की चौथी यात्रा होगी। इस दौरे से दोनों देशों के बीच आर्थिक, ऊर्जा और सांस्कृतिक साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

