पूरे देश में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान 10 BLO की मौत ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। BLO बढ़ते कार्यभार और तनाव से परेशान हैं।
चुनाव आयोग पूरे देश में SIR प्रक्रिया करा रहा, BLO पर बढ़ा बोझ
चुनाव आयोग देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया चला रहा है ताकि मतदाता सूचियों को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाया जा सके। लेकिन इस प्रक्रिया में तैनात बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) अत्यधिक कार्यभार और तनाव झेल रहे हैं।
अब तक 10 BLO की मौत हो चुकी है, जिससे आयोग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल उठने लगे हैं।
कहां-कहां हुई BLO की मौत?
- पश्चिम बंगाल: एक महिला BLO ने कार्यभार के दबाव में आत्महत्या की, नादिया में एक BLO फंदे पर लटका मिला।
- मध्य प्रदेश: 2 BLO की हार्ट अटैक से मौत।
- राजस्थान: एक BLO ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी।
- केरल: एक BLO ने आत्महत्या की।
- गुजरात: 4 BLO की विभिन्न परिस्थितियों में मौत हुई।
लगातार बढ़ते मामलों ने SIR प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
उत्तर प्रदेश: BLO ने बढ़ते दबाव में दिया इस्तीफा
नोएडा की BLO पिंकी सिंह ने इस्तीफा देकर बताया कि वह एक साथ शिक्षक की जिम्मेदारी और 1,179 मतदाताओं के सत्यापन का भारी काम नहीं संभाल पा रही थीं।
उन्होंने लिखा—
“मैं न तो पढ़ा सकती हूं और न ही BLO का काम संभाल सकती हूं।”
चुनाव आयोग की चिंता और कदम
चुनाव आयोग ने BLO की मौतों पर चिंता जताई और कहा कि एक BLO को 1,000 से अधिक मतदाताओं का कार्यभार नहीं दिया जाना चाहिए।
इसके साथ ही:
- वार्षिक भत्ता 6,000 → 12,000 रुपये किया गया
- SIR संबंधित इंसेंटिव 1,000 → 2,000 रुपये कर दिया गया
हालांकि, BLO का कहना है कि वास्तविक समस्या कार्यभार और समय दबाव है।
देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू
BLO संगठन और कर्मचारी यूनियन सड़कों पर उतर आए हैं। कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए, कुछ स्थानों पर हालात हिंसक हो गए।
केरल में एक BLO ने मतदाता फॉर्म भरते समय नग्न होकर विरोध किया, आरोप लगाया कि काम असंभव है।
चुनाव आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा है।
SIR से परेशान क्यों हैं BLO?
- घर-घर जाकर नाम, पता, आधार, माता-पिता का विवरण अपडेट करना
- अनपढ़ लोगों को समझाना और फॉर्म भरवाना
- कई बार खुद फॉर्म भरना
- फॉर्म को मतदाता सूची से मिलान करना
- ऑनलाइन ऐप पर डाटा डालना — जो कई बार काम नहीं करता
- स्कूल/तैनाती स्थल की ड्यूटी भी साथ में
- समय पर कार्य पूरा न होने पर कार्रवाई का डर
यह सभी वजहें BLO को मानसिक तनाव और अवसाद में धकेल रही हैं।
BLO की आपबीती
एक महिला BLO ने कहा—
“लोग फॉर्म भरने को तैयार नहीं होते। ऐप काम नहीं करता। अधिकारी दबाव डाल रहे हैं। समय पर काम नहीं हुआ तो कार्रवाई की धमकी देते हैं।”
विपक्ष ने लगाया आरोप: ‘BLO पर थोपे जा रहे अत्याचार’
विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की है:
- राहुल गांधी ने कहा—
“SIR की आड़ में अराजकता फैलाई जा रही है। 3 हफ्तों में 16 BLO अपनी जान गंवा चुके। यह थोपा हुआ अत्याचार है।” - ममता बनर्जी ने भी आयोग पर BLO पर अनुचित दबाव डालने का आरोप लगाया।

