भर्ती से पहले पांच सदस्यीय समिति करेगी समकक्ष अर्हता का निर्धारण, कानूनी विवादों से बचने की तैयारी
उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर है। राज्य के 330 एडेड डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली 2107 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले समकक्ष अर्हता का स्पष्ट निर्धारण किया जाएगा।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजे गए विभिन्न विषयों और उपाधियों की शैक्षणिक एवं विशेष अर्हता की समकक्षता स्पष्ट करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद योग्यता को लेकर होने वाले कानूनी विवादों और मुकदमों की संभावना को कम करना है।
बद्री नाथ सिंह की अध्यक्षता में बनी समिति
उच्च शिक्षा अनुभाग के उपसचिव संजय कुमार द्विवेदी की ओर से 4 अगस्त को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, विशेष सचिव बद्री नाथ सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है।
समिति को आगामी 15 दिनों के भीतर अपनी स्पष्ट संस्तुतियों के साथ पूरा प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को सौंपना होगा। रिपोर्ट आने के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
ये होंगे समिति के सदस्य
समिति में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शिक्षाविदों को भी शामिल किया गया है। इसमें विशेष सचिव बद्री नाथ सिंह अध्यक्ष होंगे, जबकि उच्च शिक्षा निदेशक द्वारा नामित अधिकारी सदस्य सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इसके अलावा उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव द्वारा नामित अधिकारी और लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा नामित अधिकारी समिति के सदस्य होंगे।
कार्मिक विभाग के निर्देशों का किया जा रहा पालन
दरअसल, कार्मिक विभाग ने 7 अक्टूबर 2021 को निर्देश जारी किए थे कि जहां सेवा या भर्ती नियमों में निर्धारित अर्हता के साथ ‘समकक्ष अर्हता’ का उल्लेख हो, वहां चयन प्रक्रिया शुरू करने से पहले ही समकक्षता को स्पष्ट कर दिया जाए। इसके बाद ही पदों का अधियाचन चयन एजेंसियों को भेजा जाना चाहिए।
कार्मिक विभाग ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और विभिन्न भर्ती बोर्डों से भी कहा था कि पदों का विज्ञापन जारी करने से पहले उसमें समकक्ष अर्हता का स्पष्ट उल्लेख किया जाए।
आयोग ने शासन से मांगी थी समकक्षता की स्पष्ट जानकारी
इसी व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों का विज्ञापन जारी करने से पहले शासन से समकक्ष अर्हता स्पष्ट करने का अनुरोध किया था।
अब समिति की रिपोर्ट आने के बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट 15 कार्यदिवसों में सौंपे जाने के बाद आयोग 2107 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
इस भर्ती से राज्य के 330 एडेड डिग्री कॉलेजों में खाली पदों को भरने का रास्ता खुलेगा और लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

