देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शनिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन का निरीक्षण किया। रेल मंत्री ने बताया कि यह ट्रेन यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। ट्रेन के हर कोच और चालक कैबिन को उन्नत डिजाइन और नई तकनीक के साथ विकसित किया गया है।
उन्होंने बताया कि सस्पेंशन और ब्रेक सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रा के दौरान यात्रियों को झटके महसूस न हों। सुरक्षा के लिहाज से पूरी ट्रेन सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम से लैस है।
सबसे पहले इस रूट पर चलेगी स्लीपर वंदे भारत
रेल मंत्री के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सबसे पहले गुवाहाटी–कोलकाता रूट पर चलाई जाएगी। यह ट्रेन दोनों शहरों से देर शाम रवाना होकर अगली सुबह अपने गंतव्य पर पहुंचेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। फिलहाल इस रूट पर दो स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें चलेंगी। वर्ष 2026 में 10 और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें तैयार की जाएंगी, जिन्हें देश के पांच अलग-अलग रूट्स पर चलाया जाएगा।

आरओ से मिलेगा मुफ्त ठंडा और गर्म पानी
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए आरओ वाटर सिस्टम लगाया गया है। यात्री अपनी पानी की बोतल लेकर कोच में लगे नलों से मुफ्त ठंडा और गर्म पानी भर सकेंगे।
इसके अलावा 16 कोच वाली इस ट्रेन में 7 छोटी-बड़ी पैंट्री लगाई गई हैं, जहां यात्रियों को खाने-पीने की सुविधाएं मिलेंगी।
हर सीट पर लाइट और चार्जिंग की सुविधा
इस स्लीपर ट्रेन की खास बात यह है कि हर सीट और बर्थ पर अलग लाइट और चार्जिंग प्वाइंट दिया गया है। इससे यात्रियों को व्यक्तिगत रोशनी मिलेगी और मोबाइल चार्ज करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
पहले जहां छह सीटों पर एक-दो चार्जिंग प्वाइंट होते थे, अब हर यात्री के लिए अलग सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

कूपे से बाहर देख सकेंगे कौन है मौजूद
फर्स्ट एसी कोच में यात्रियों की सुरक्षा और निजता का विशेष ध्यान रखा गया है। कूपे के दरवाजे पर लगे विशेष शीशे के जरिए यात्री दरवाजा खोले बिना बाहर मौजूद व्यक्ति को देख सकेंगे। आवश्यकता होने पर बटन दबाकर शीशे को पारदर्शी किया जा सकता है।
सफाई के लिए लगाए गए गार्बेज कॉम्पैक्टर
ट्रेन में सफाई बनाए रखने के लिए गार्बेज कॉम्पैक्टर सिस्टम लगाया गया है। बटन दबाते ही ढक्कन खुलेगा, यात्री कूड़ा डाल सकेंगे और ढक्कन अपने आप बंद होकर कूड़े को दबा देगा। इससे ट्रेन में गंदगी नहीं फैलेगी और जगह की बचत होगी।
भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण पर जोर
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे लगातार ट्रैक, सिग्नल, स्टेशन, प्लेटफॉर्म और ओएचई जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में जुटा है। वंदे भारत स्लीपर जैसी ट्रेनों से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि रेलवे की सेवा और सुरक्षा व्यवस्था भी और मजबूत होगी।
देशभर में फिलहाल 180 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं और आने वाले समय में स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी।

