
नई दिल्ली / फरीदाबाद: जम्मू-कश्मीर, हरियाणा पुलिस और खुफिया ब्यूरो (IB) ने मिलकर देश में एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है।
संयुक्त अभियान में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGUH) से जुड़े 7 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 2 डॉक्टर भी शामिल हैं।
👨⚕️ डॉक्टर मुजम्मिल शकील से बरामद 360 किलो विस्फोटक
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में डॉ. मुजम्मिल शकील (35) का नाम सबसे प्रमुख है।
वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के कोइल गांव का रहने वाला है और फिलहाल फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में MBBS का लेक्चरर था।
जांच के दौरान पुलिस ने उसके धौज गांव स्थित किराए के मकान से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, 20 टाइमर, बैटरियां, असॉल्ट राइफल, 3 मैगजीन, 83 जिंदा कारतूस, और एक पिस्तौल बरामद की है।
🕵️♂️ कैसे पकड़ा गया पुलवामा का डॉक्टर
मामले की शुरुआत 19 अक्टूबर को श्रीनगर में हुई, जब जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर चिपकाने की घटना सामने आई, जिनमें सुरक्षा बलों को धमकाया गया था।
जांच में काजीगुंड निवासी डॉक्टर आदिल अहमद राठेर का नाम सामने आया, जिसे 6 नवंबर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में उसने मुजम्मिल शकील का नाम बताया, जिसके बाद हरियाणा पुलिस ने सोमवार को फरीदाबाद से उसे गिरफ्तार कर लिया।
🧨 विस्फोटक बरामदगी के बाद सनसनी
पुलिस ने बताया कि डॉक्टर मुजम्मिल अपने किराए के कमरे में रहता नहीं था, बल्कि उसे विस्फोटक सामग्री छिपाने के लिए इस्तेमाल करता था।
शुरुआती रिपोर्ट्स में बरामद सामग्री को RDX बताया गया, लेकिन बाद में जांच में यह अमोनियम नाइट्रेट निकला।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह सारा विस्फोटक किसी बड़े आतंकी हमले की तैयारी के लिए रखा गया था।
🪖 15 दिन से चल रहा था संयुक्त अभियान
फरीदाबाद पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार ने बताया कि संदिग्धों की गतिविधियों पर पिछले 15 दिनों से नज़र रखी जा रही थी।
जम्मू-कश्मीर, हरियाणा पुलिस और IB के इनपुट्स के बाद यह कार्रवाई की गई।
अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और कुछ अन्य संदिग्धों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।
📡 कौन है डॉक्टर मुजम्मिल शकील?
- उम्र: 35 वर्ष
- मूल निवासी: कोइल गांव, पुलवामा (J&K)
- पेशा: अल-फलाह मेडिकल कॉलेज, फरीदाबाद में लेक्चरर
- आतंकी संबद्धता: जैश-ए-मोहम्मद का ओवरग्राउंड वर्कर (OGW)
- बरामदगी: 360 किलो विस्फोटक, हथियार, टाइमर, कारतूस
- उद्देश्य: आतंकी नेटवर्क को लॉजिस्टिक सपोर्ट देना
🧩 जांच जारी, NIA भी जुड़ सकती है
फरीदाबाद पुलिस ने बरामद सामान और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को भी जांच सौंपे जाने की संभावना है।
⚠️ एजेंसियों ने दी लोगों को सतर्क रहने की सलाह
पुलिस और IB ने नागरिकों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तुरंत दें।
“साझा सतर्कता से ही आतंकवाद की जड़ें कमजोर हो सकती हैं,” अधिकारियों ने कहा।

