महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान महायुति में तनाव देखने को मिला था, लेकिन चुनाव के बाद BJP नेता रविंद्र चव्हाण और शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक निलेश राणे फिर साथ आ गए हैं। दोनों ने कहा कि हिंदुत्व के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे।
Maharashtra Local Body Election: चुनावी टकराव के बाद महायुति नेताओं में फिर बना तालमेल
महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा और महायुति के घटक दलों के बीच हुए टकराव के बाद अब माहौल बदलता हुआ दिख रहा है। राज्य में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के दौरान कई क्षेत्रों में गठबंधन दलों के बीच तनाव देखने को मिला था, लेकिन अब नेता फिर से एकजुट होने के संकेत दे रहे हैं।
सिंधुदुर्ग में बड़ा बदलाव
कोंकण के सिंधुदुर्ग जिले में सबसे बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण और शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक निलेश राणे के बीच तीखी बयानबाजी हुई थी। निलेश ने चव्हाण पर मतदाताओं को पैसे बांटने का आरोप भी लगाया था।
हालांकि अब स्थिति बदल गई है। निलेश राणे ने कहा है कि वे चव्हाण का सम्मान करते हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि वे गठबंधन चाहते थे लेकिन परिस्थितियों के कारण ऐसा नहीं हो पाया।
निलेश ने कहा कि भाजपा उनका परिवार है और वे इससे अलग नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि जो शिकायतें उन्होंने चुनाव के दौरान की थीं, वे कायम हैं लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर किसी के लिए कोई नाराजगी नहीं है।
“हिंदुत्व के लिए हम साथ हैं”
निलेश राणे ने कहा कि चुनाव के दौरान वे अपनी पार्टी के पक्ष में खड़े थे और चव्हाण अपनी पार्टी के। इसमें कुछ भी व्यक्तिगत नहीं था। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म हो चुका है और अब वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और रविंद्र चव्हाण से मुलाकात करेंगे ताकि गठबंधन मजबूत बन सके।
उन्होंने कहा कि अगर सभी दल एकजुट होकर लड़ेंगे, तो भविष्य में बेहतर परिणाम मिलेंगे।
फडणवीस की डिनर डिप्लोमेसी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव कार्यकर्ताओं का चुनाव था, और कुछ स्थानों पर टकराव होना स्वाभाविक था। उन्होंने स्पष्ट किया कि महायुति अब पूरी तरह एकजुट है।
फडणवीस ने बताया कि गठबंधन की मजबूती के लिए नागपुर शीतकालीन सत्र के दौरान एक डिनर का आयोजन किया जाएगा, ताकि तीनों दलों के बीच की गलतफहमियों को दूर किया जा सके।

